नई दिल्ली : लोकसभा की कार्यवाही मंगलवार देर रात तक चली क्योंकि सदन में सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को आरक्षण देने संबंधी संविधान संशोधन विधेयक को पारित किया गया। सवर्णों के आरक्षण आरक्षण संबंधी यह बिल आज राज्यसभा में पेश किया जाएगा इस बिल को ऐतिहासिक करार देते हुए गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने बिल पर उम्मीद जताई कि वहां भी यह बिल पास हो जाएगा।

सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देने संबंधी संविधान संधोधन विधेयक के पास होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समर्थन करने वाले सभी सांसदों का धन्यवाद करते हुए कहा कि आरक्षण बिल पास होना देश के इतिहास में ऐतिहासिक पल है।

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को आरक्षण बिल को ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।

केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने भी ट्वीट करके इस आरक्षण बिल के पास होने पर सभी को बधाई दी।

सवर्णों यानी सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को शिक्षा एवं सरकारी नौकरियों में 10 फीसदी आरक्षण सुनिश्चित करने वाला संविधान 124वां संशोधन विधेयक मंगलवार को लोकसभा से पारित कर दिया गया। इस विधेयक के पक्ष में कुल 323 वोट पड़े, वहीं विरोध में सिर्फ 3 सदस्यों ने ही मतदान किया।

इस विधेयक के पास हो जाने के बाद सभी धर्मों की गैर आरक्षित जातियों के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिल सकेगा। इससे पहले सवर्ण आरक्षण के मुद्दे पर शाम करीब 5 बजे से शुरू हुई बहस रात 9.55 बजे तक चली । इसके बाद हुई वोटिंग में लोकसभा में मौजूद कुल 326 सांसदों ने भाग लिया।

लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने बहस के बाद वोटिंग कराई, जिसमें संविधान संशोधन विधेयक के पक्ष में 323 सदस्यों ने वोट डाले, लेकिन 3 सांसदों ने इसका विरोध भी किया. बहरहाल, सवर्ण आरक्षण बि‍ल लोकसभा में पास हो गया।

सवर्ण आरक्षण को लेकर लोकसभा में संविधान संशोधन विधेयक पेश किया गया। मंत्री थावरचंद गहलोत ने सदन के पटल पर बिल को रखा। संविधान में 124वां संशोधन को लेकर बहस जारी है।

इस प्रस्ताव पर अमल के लिए संविधान संशोधन विधेयक संसद से पारित कराने की जरूरत पड़ेगी, क्योंकि संविधान में आर्थिक आधार पर आरक्षण का कोई प्रावधान नहीं है। इसके लिए संविधान के अनुच्छेद 15 और अनुच्छेद 16 में जरूरी संशोधन करने होंगे। संसद में संविधान संशोधन विधेयक पारित कराने के लिए सरकार को दोनों सदनों में कम से कम दो-तिहाई बहुमत जुटाना होगा।

कांग्रेस भी कर सकती है समर्थन

लोकसभा में तो सरकार के पास बहुमत है, लेकिन राज्यसभा में उसके पास अपने दम पर विधेयक पारित कराने के लिए जरूरी संख्याबल का अभाव है। यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस संसद में इस विधेयक को पारित करने में मदद करेगी, इस पर पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘‘आर्थिक तौर पर गरीब व्यक्ति के बेटे या बेटी को शिक्षा एवं रोजगार में अपना हिस्सा मिलना चाहिए। हम इसके लिए हर कदम का समर्थन करेंगे।''