दिल्ली: बसपा अध्यक्ष मायावती ने आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लोगों को आरक्षण देने के मोदी सरकार के फैसले को चुनावी स्टंट बताया और कहा कि अगर सरकार यह फैसला पहले करती तो बेहतर होता।

मायावती ने मंगलवार को एक संक्षिप्त बयान में कहा लोकसभा चुनाव 2019 से पहले लिया गया यह फैसला हमें सही नियत से लिया गया फैसला नहीं बल्कि चुनावी स्टंट लगता है, राजनीतिक छलावा लगता है। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा अपना कार्यकाल ख़त्म होने से ठीक पहले नहीं बल्कि और पहले यह फैसला करती तो अच्छा होता ।

उल्लेखनीय है कि सामान्य वर्ग के ग़रीबों को दस प्रतिशत आरक्षण देने के मोदी सरकार के फैसले को सोमवार को मंत्रिमंडल की मंज़ूरी मिलने के बाद इसे अमल में लाने के लिये सरकार द्वारा आज संविधान संशोधन विधेयक लोक सभा में पेश किया जाएगा।

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हालांकि मायावती ने फैसले का स्वागत किया लेकिन इसे महज एक राजनीतिक स्टंट बताया और कहा कि लंबे समय से चली आ रही इस मांग को भाजपा सरकार ने सही ढंग से हल करने की कोशिश नहीं की।

गौरतलब है कि कल ही केंद्रीय कैबिनेट ने सवर्णों को सरकारी नौकरी में 10 फीसदी आरक्षण की बाबत प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी। जिसके बाद 8 लाख सालाना आमदनी से कम वाले सवर्णों को कमजोर आय वर्ग का माना गया है। साथ ही 5 एकड़ जमीन से कम मालिकाना वाले सवर्ण भी आरक्षण का फायदा उठा सकेंगे।