जयपुर : राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार के पहले मंत्रिमंडल में कई वरिष्ठ नेताओं के नाम नहीं होने को लेकर चर्चाओं के बीच उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने मंत्रिमंडल के एक और विस्तार का संकेत दिया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बहुत से लोगों को अन्य पदों पर भी काम दिया जाएगा।

इस बारे में पूछे जाने पर पायलट ने मंगलवार को कहा, ‘‘यह पहला विस्तार है। संभवत: कुछ समय के बाद एक और विस्तार भी हो सकता है। अनेक पदों पर बहुत से लोगों को काम करने का मौका दिया जाएगा।'' इसके साथ ही उन्होंने सोमवार को गठित मंत्रिमंडल को बहुत अच्छा बताया।

उन्होंने कहा ‘‘बहुत अच्छा मंत्रिमंडल कांग्रेस सरकार ने बनाया है और मुझे लगता है कि हर संभाग को प्रतिनिधित्व मिला है।'' उल्लेखनीय है कि सोमवार को कुल 23 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गयी, जिसमें 13 कैबिनेट व 10 राज्य मंत्री शामिल हैं।

मंत्रियों में कांग्रेस के सीपी जोशी, हेमाराम चौधरी, दीपेंद्र सिंह शेखावत, परसराम मोरदिया व राजेंद्र पारीक जैसे कई दिग्गजों को जगह नहीं दी गयी। जोशी व शेखावत तो मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल भी नहीं हुए।

वहीं कामां में कांग्रेस विधायक जाहिदा खान व गुढामलानी से विधायक हेमाराम चौधरी के समर्थकों ने प्रदर्शन किया। ये इन विधायकों को मंत्री पद नहीं दिए जाने से नाराज थे। जाहिदा व चौधरी दोनों ही पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों में मंत्री रह चुके हैं।

गहलोत ने 17 दिसंबर को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उनके साथ शपथ लेने वाले सचिन पायलट को पहले ही उपमुख्यमंत्री बनाया जा चुका है। राज्य में मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 30 मंत्री बन सकते हैं और अब तक यह आंकड़ा 25 पर पहुंच गया है। यानी पांच पद अब भी खाली हैं।

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जानकारों के अनुसार कांग्रेस मंत्री पद से वंचित रहे कुछ प्रमुख चेहरों को विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, मुख्य सचेतक व उप मुख्य सचेतक जैसे संवैधानिक पद दे सकती है। हालांकि पार्टी की ओर से इस बारे में आधिकारिक रूप से अभी कुछ संकेत नहीं दिया गया है।

पायलट ने कहा, ‘‘मेरी दृष्टि से जो कांग्रेस पार्टी ने चुनाव से पहले वादे किए थे उन सभी वादों को और जनघोषणा पत्र को कारगर तरीके से धरातल पर कार्यान्वित करने का दायित्व यह मंत्रिपरिषद निभाएगी। बहुत जल्द विभागों का बंटवारा होगा। विभागों के बंटवारे के बाद हम तुरंत प्रभाव से अपना काम शुरू करेंगे।''