मुख्यमंत्री की दौड़ में पायलट से आगे गहलोत, इसलिए मजबूत है दावेदारी

अशोक गहलोत व सचिन पायलट (डिजाइन फोटो) - Sakshi Samachar

नई दिल्लीः राजस्थान विधानसभा चुनाव में वसुंधरा राजे सरकार को सत्ता से बेदखल कांग्रेस राज्य में सरकार बनाने की तैयारी में लग गई है। 200 सीटों वाली राजस्थान विधानसभा की 199 सीटों पर हुए चुनाव में कांग्रेस 99 सीटें लेकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी हैं। वहीं वसुंधरा राजे के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार को केवल 73 सीटों पर ही जीत हासिल हुई।

राजस्थान विधानसभा चुनाव में मिली जीत के बाद अब कांग्रेस राज्य के अगले मुख्यमंत्री के नाम को लेकर मंत्रणा में लग गई है। आपको बता दें कि राजस्थान में मुख्यमंत्री पद के लिए जिन दो नामों को लेकर चर्चा चल रही हैं उनमें सबसे पहले राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का नाम सबसे ऊपर है।

वहीं सीएम पद की दावेदारी को लेकर सचिन पायलट के नाम पर भी चर्चा चल रही है। राज्य का अगला मुख्यमंत्रई कौन बनेगा यह तो जल्द ही पता चल जाऐगा। लेकिन जानकारों की माने तो अशोक गहलोत राजस्थान के अगले मुख्यमंत्री बन सकते हैं।

लोकसभा चुनाव में सीटों का गणित

राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली इस सफलता के पीछे अशोक गहलोत का बहुत बढ़ा हाथ रहा है। आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस अशोक गहलोत के नाम को आगे कर सकती है। अशोक गहलोत राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके हैं। और उन्हें सभी लोगों को साथ में लेकर काम करने और कराने में महाराथ हासिल है।

जिसका फायदा कांग्रेस को आगामी लोकसभा चुनाव में मिल सकता है। वहीं जानकारों का मानना है कि अगर अशोक गहलोत एक बार फिर से मुख्यमंत्री बनते हैं तो लोकसभा चुनाव में कांग्रेस 20 से अधिक सीटें मिल सकती हैं।

जातीय गणित

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत माली जाति से आते हैं। अशोक गहलोत के माली जाति से संबंध के कारण वह सभी जातियों के लिए सर्वमान्य होंगे। ऐसे में अगर अशोक गहलोत मुख्यमंत्री बनते है तो राज्य में अन्य जातियों जिनमें राजपूत, जाट, ब्राह्मण और गुर्जर के बीच किसी भी प्रकार के जातीय संघर्ष और खींचतान से कांग्रेस को दो चार नहीं होना पड़ेगा।

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बागी और स्वतंत्र विधायकों का साथ

राजस्थान विधानसभा चुनाव परिणाम में 20 से अधिक स्वतंत्र उम्मीदवार जीत सकते हैं। बता दें कि इन स्वतंत्र उम्मीदवारों में से अधिकत्तर बागी उम्मीदवार हैं। आपको बता दें कि अशोक गहलोत ने इनमें से कई उम्मीदवारों को कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ाने की मांग की थी। लेकिन अशोक गहलोत की बात को दरकिनार कर दिया गया। सूत्रों की माने तो इस स्वतंत्र उम्मीदवारों में से 9 कांग्रेस को समर्थन देने के लिए तैयार हैं, जब अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री बनाया जाए।

गांधी परिवार के विश्वासपात्र

अशोक गहलोत के सोनिया गांधी और राहुल गांधी से नजदीकी भी उनके पक्ष में जाती दिख रही है। वह राजस्थान में रहते हुए भी हमेशा यूपीए चैयरपर्सन सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथा निरंतर संपर्क में रहते हैं।

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