जयपुर : राजस्थान विधानसभा चुनाव का प्रचार अंतिम चरण में है। सभी पार्टियों के दिग्गज मतदाताओं को रिझाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इन सब के बीच मुस्लिम वोटर्स असमंजस की स्थिति में हैं कि आखिर वो भाजपा को चुनें कि कांग्रेस को, क्योंकि उनके लिए यह एक तरफ कुआं तो दूसरी तरफ खाईं जैसा है।

एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, राजस्थान के मुस्लिम हाल के दिनों को देखकर सहमे हुए हैं। उनका मानना है कि पहले यह स्थिति नहीं थी। सभी मिल-जुल कर काम करते थे और मोहल्ले में आराम से निश्चिंत होकर रहते थे, लेकिन बीते कुछ सालों में स्थिति बदल गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, मुसलमानों का मानना है कि सोशल मीडिया द्वारा फैलाए जा रहे नफरत के कारण अब दोस्तों में भी मनमुटाव हो गया है। जो हिंदू-मुस्लिम कभी मिलकर व्यापार करते थे, अब वे सिर्फ इन नफरत भरे मैसेज पर चर्चा और विवाद पैदा करते हैं।

मुस्लिम युवाओं ने बातचीत में बताया कि कैसे अलवर के पहलू खान को गोतस्करी के नाम पर पीट-पीटकर मार डाला गया। पुलिस ने भी इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। उनका कहना है कि भाजपा से कहीं ज्यादा उसके सहयोगी जैसे बजरंग दल, वीएचपी, शिवसेना और आरएसएस जैसे हिंदूवादी संगठन खतरनाक हैं।

यह भी पढ़ें :

राजस्थान की हॉट सीट बनीं टोंक विधानसभा, कांग्रेस ने तोड़ी 46 साल की परंपरा

मध्य प्रदेश में सट्टा बाजार ने उड़ाई नेताओं की नींद, जानिए किसकी बन रही सरकार !

दूसरी तरफ कांग्रेस के हाल के दिनों में हिंदू वोटों की तरफ झुकाव भी उनके लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। कांग्रेस भी अब मुस्लिम मतदाताओं से कहीं ज्यादा हिंदू वोट पर नजर गड़ाए हुए है। लोगों का मानना है कि वोटों के ध्रुवीकरण से नफरत की राजनीति काफी ज्यादा बढ़ गई है।