सिवनी : मध्य प्रदेश में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस ने कांग्रेस अध्यक्ष पर कटाक्ष करते हुए राहुल गांधी को ‘पार्ट टाइम' नेता बताया तो वहीं मोदी को 24 घंटे गरीबों की चिंता करने वाला प्रधानमंत्री कहा।

फड़णवीस ने रविवार को सिवनी जिले में बरघाट विधानसभा के कुरई हाईस्कूल मैदान में चुनावी सभा को सम्बोधित करते हुए कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी जी 24 घंटे गरीबों की चिंता करते हैं जबकि कांग्रेस पार्टी के नेता राहुल गांधी आधे समय देश से बाहर रहते हैं। लौटकर आते हैं तो दो चार सभाएं भी कर लेते हैं। पर उनको पता नहीं रहता। मध्य प्रदेश की बातें छत्तीसगढ़ में कहते हैं और छत्तीसगढ़ की बातें मध्य प्रदेश में कहते हैं।''

उन्होंने कहा कि पहले रानी जिसे जन्म देती थी, उसे राजा, महाराजा कहा जाता था, लेकिन डॉ बाबा साहब अंबेडकर के संविधान ने कहा कि रानी के पेट से पैदा होने वाला राजा महाराजा नहीं होगा। जनता के वोट से पैदा होने वाला राजा होगा और जनता के वोट से पैदा होने वाले नेता शिवराज हैं। जनता के वोट से पैदा होने वाले नेता नरेंद्र मोदी हैं।

लोकतंत्र में विजय धनपतियों की नहीं, जनपतियों की होगी। मध्य प्रदेश में कांग्रेस के घोषणापत्र को झूठ का पुलिंदा बताते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी-कभी ये होता है कि किसी को पता होता है कि वह तो सत्ता में आने वाला नहीं है, चाहे जितने वादे कर दो, चाहे जितनी घोषणाएं कर दो, पूरा तो शिवराज जी को करना है।

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कांग्रेस पार्टी के घोषणापत्र में इसी तरह के वादे किए गए हैं। आज तो कांग्रेस पार्टी की स्थिति ऐसी हो गई है कि अगर आप उनसे कह दें कि अपने घोषणापत्र में हमारे घर के सामने ताजमहल बनवाने की घोषणा कर दें, तो वे इसके लिए भी तैयार हैं।

फड़णवीस ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि मैं भी एक राज्य का मुख्यमंत्री हूं। हर राज्य का एक बजट होता है। कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में जितनी घोषणाएं की हैं, इसके लिए अगर उन्हें 15 साल का मध्य प्रदेश का बजट एक साल में दे दिया जाए तो भी वे इन घोषणाओं को पूरा नहीं कर पाएंगे।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने वर्षों तक देश पर राज किया। गरीबी हटाने के नारे लगाये लेकिन गरीबी नहीं हटी, बल्कि गरीब हट गये। गरीबों के बहाने कांग्रेस के नेताओं ने अपनी गरीबी दूर कर ली। मोदी जी के पहली बार प्रधानमंत्री बनने के बाद गरीबी कल्याण की योजनाएं बनीं।

आजादी के 70 साल बाद भी देश के 30 करोड़ परिवार ऐसे थे जिन्होंने बैंक का मुंह नहीं देखा था। जनधन योजना से देश के 30 करोड़ परिवारों का खाता खोला गया है।