भोपाल : कांग्रेस ने घोषणा पत्र में प्रदेश के बहुचर्चित व्यावसायिक परीक्षा मंडल व्यापमं की परीक्षाओं में पिछले 10 सालों में शामिल हुए लाखों उम्मीदवारों का शुल्क वापस लौटाने और सूबे में भर्ती घोटाले के लिए कुख्यात ‘व्यापमं' को बंद करने का वादा किया है ।

आगामी विधानसभा चुनाव के लिये कांग्रेस का घोषणा पत्र ‘वचन पत्र' के नाम से जारी करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने पत्रकार वार्ता में कहा, ‘‘प्रदेश में सत्ता में आने पर कांग्रेस व्यापमं को बंद कर उसके स्थान पर राज्य कर्मचारी चयन आयोग का गठन करेगी ।''

उन्होंने कहा कि राज्य में सरकार बनने पर शासकीय, सार्वजनिक उपक्रम एवं निकायों के तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती के लिये राज्य कर्मचारी चयन आयोग का गठन किया जाएगा ।

परीक्षाओं तथा साक्षात्कार के आयोजन की विकेन्द्रीकृत, पारदर्शी, निष्पक्ष एवं स्थानीय योग्य उम्मीदवारों को अधिक अवसर प्रदान करने वाली पूर्ण उत्तरदायित्व एवं भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था लागू की जाएगी ।

मालूम हो कि मध्यप्रदेश में सरकारी पदों सहित चिकित्सा और तकनीकी शिक्षा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिये मध्यप्रदेश व्यवसायिक परीक्षा मंडल द्वारा परीक्षा ली जाती है । इस मंडल को इसके लघु हिन्दी नाम व्यापमं से जाना जाता है।

व्यापमं में बहुचर्चित प्रवेश घोटाला होने के बाद इसका नाम बदलकर अब एमपी प्रोफेशनल एक्जामिशन बोर्ड कर दिया गया है। छह साल पहले सामने आये व्यापमं घोटाले की जांच सीबीआई कर रही है।

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कांग्रेस ने अपने वचन पत्र में ट्रांसजेंडर बोर्ड के गठन की भी घोषणा की है। इसके साथ ही वचन पत्र में 12वीं बोर्ड की परीक्षा में 70 प्रतिशत अंक पाने वाले विद्यार्थियों को लैपटाप देने तथा कॉलेज जाने वाली कन्याओं को दो पहिया वाहन रियायती ब्याज पर दिलाने का वादा किया गया है।

कांग्रेस ने गरीबों को आवास उपलब्ध कराने के लिये कानून बनाने तथा उन्हें 35 किलो गेहूं और चावल एक रुपये किलोग्राम की दर पर देने का भी वादा किया है।

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कांग्रेस ने प्रदेश में विधान परिषद के गठन का वादा किया है। इस दौरान पत्रकार वार्ता में प्रदेश कांग्रेस चुनाव प्रचार अभियान समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्वियज सिंह और नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह सहित अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे।