भाजपा के नाराज मंत्री ने कार्यकर्ताओं से कहा, “पार्टी को चौराहे पर मत खड़ा करो” 

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत (फाइल फोटो)  - Sakshi Samachar

जयपुर : भाजपा की प्रदेश चुनाव प्रबंधन समिति के संयोजक और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कार्यकर्ताओं द्वारा संभावित प्रत्याशी विशेष के खिलाफ यहां पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में नारेबाजी की घटनाओं पर नाराजगी जताई है।

उन्होंने शुक्रवार को ऐसी नारेबाजी कर रहे कार्यकर्ताओं को समझाया और ‘‘पार्टी को चौराहे पर खड़ा नहीं करने'' की नसीहत दी। हालांकि, बाद उन्होंने इसे पार्टी कार्यकर्ताओं की ‘‘आकांक्षा का अतिरेक'' करार देते हुए स्वाभाविक बताया और कहा कि पार्टी का ‘‘कार्यकर्ता राष्ट्रवादी'' है।

दरअसल, कई विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी के संभावित उम्मीदवारों या मौजूदा विधायकों का विरोध हो रहा है। इसको लेकर पहले भी कई बार नारेबाजी हो चुकी है। शुक्रवार को थानागाजी व ब्यावर विधानसभा क्षेत्र के पार्टी कार्यकर्ताओं ने संभावित प्रत्याशियों के खिलाफ नारेबाजी की। इससे नाराज दिखे गजेंद्र सिंह ने उन्हें ‘‘पार्टी को इस तरह चौराहे पर खड़ा नहीं करने'' की नसीहत दी।

जब संवाददाताओं ने सिंह से इस बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, ‘‘इन सभी लोगों, इन सब से अलग-अलग, विभिन्न स्तर पर बात की जा चुकी है, उसके बाद पार्टी कार्यालय में आकर इस तरह के नारे लगाना उचित नहीं है।'' इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘‘आंकाक्षा में, आकांक्षा के अतिरेक में इस तरह की बात करना स्वाभाविक है।

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कार्यकर्ता महत्वाकांक्षी होकर इस तरह की बात करता है और इसमें कुछ गलत भी नहीं है। हम सब लोग पार्टी के कार्यकर्ता हैं और अंत में पार्टी जो निर्णय करेगी, सब लोग भाजपा के कमल को प्रत्याशी मानते हुए काम करेंगे।'' उन्होंने कहा कि पार्टी ने प्रत्याशी तय करने की प्रक्रिया में लगभग 12,000 कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर बात की, फिर भी कहीं अगर मनभेद है तो हम निश्चित रूप से उसे दूर करने का प्रयास करेंगे।

नोटबंदी पर कांग्रेस के विरोध पर उन्होंने कहा कि ‘‘कांग्रेस केवल अपनी राजनीतिक आंकाक्षाओं के लिए शिगूफे छोड़ रही है।'' उन्होंने कहा कि नोटबंदी से भारतीय अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव आए और इसकी पुष्टि एस गुरुमूर्ति जैसे अर्थशास्त्रियों ने की है।

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उन्होंने कहा कि ‘‘यह नोटबंदी का मुद्दा गौण है और कांग्रेस इस गौण मुद्दे का राजनीतिक लाभ लेना चाहती है जिसमें वह सफल नहीं होगी।'' सिंह ने कहा कि विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी तय करते समय पार्टी यह भी ध्यान रखेगी कि उस पर प्रतिद्वंद्वी पार्टी किसे अपना प्रत्याशी बना रही है।

वहीं, पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष मदन लाल सैनी ने कहा कि भाजपा ने प्रत्याशियों के बारे में अभी फैसला नहीं किया है और न ही किसी से व्यक्तिगत रूप से कहा गया है।

उन्होंने उम्मीद जताई कि 12 नवंबर से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी और तब तक कुछ कार्यकर्ताओं के नाम घोषित हो सकते हैं। उन्होंने एक मंत्री विशेष द्वारा चुनाव की सीट की कथित घोषणा संबंधी सवाल पर कहा, ‘‘किस संभावित प्रत्याशी का टिकट कच्चा है या पक्का है, इसका फैसला तो पार्टी का संसदीय बोर्ड ही करेगा।''

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