नई दिल्ली : कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को नोटबंदी को एक 'क्रूर षड्यंत्र' और 'आपराधिक वित्तीय घोटाला' बताया। उन्होंने कहा, "आठ नवंबर को इतिहास में बुरे दिन दिन के रूप में याद किया जाएगा।" उन्होंने कहा कि नोटबंदी नियोजित और क्रूर साजिश थी। यह घोटाला प्रधानमंत्री के चहेतों के कालेधन को सफेद करने की एक योजना थी।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि दो साल पहले मोदी की एकतरफा घोषणा से अर्थव्यवस्था चरमरा गई, क्योंकि उन्होंने अपने आर्थिक सलाहकार तक का समर्थन नहीं लिया।

राहुल ने एक बयान में कहा, "विमुद्रीकरण एक त्रासदी थी। यह हमारी त्रासदियों के इतिहास में अनोखी है, क्योंकि यह खुद को दिया गया दंड व आत्मघाती हमला था, जिसमें लाखों लोग बर्बाद हो गए और हजारों छोटे कारोबार ध्वस्त हो गए। विमुद्रीकरण का सबसे खराब असर अत्यंत गरीब लोगों पर पड़ा। लोगों को कइ दिनों तक अपनी छोटी बचत के लिए कतारों में लगने को बाध्य किया गया।"

राहुल गांधी ने याद दिलाया कि कतारों में 120 लोगों की जानें गईं और लाखों छोटे व मझौले कारोबार ध्वस्त हो गए और संपूर्ण अनौपचारिक क्षेत्र बर्बाद हो गए।

उन्होंने कहा, "नकली मुद्रा और आतंकवाद के खिलाफ जंग से लेकर काले धन का हमेशा के लिए समाप्त करने और बचत में वृद्धि करने से लेकर डिजिटल लेन-देन में परिवर्तन तक सरकार का कोई एक भी मकसद पूरा नहीं हो पाया है।"

इसे भी पढ़ें :

नोटबंदी कोई गलती नहीं बल्कि स्कैम है, मोदी दें जवाब : राहुल गांधी

मनमोहन का मोदी पर हमला, कहा- नोटबंदी की तबाही का असर अब सभी के सामने है

उन्होंने कहा कि सब कुछ मुकम्मल आपदा साबित हुआ। उन्होंने कहा कि नोटबंदी से भारत में 15 लाख लोगों की नौकरियां गईं और सकल घरेलू उत्पादन (जीडीपी) में कम से कम एक फीसदी की कमी आई।

राहुल गांधी ने कहा, "प्रधानमंत्री की भारी भूल, की दूसरी बरसी पर हमारे अक्षम वित्तमंत्री (अरुण जेटली) समेत सरकार के सलाहकार चिंतकों को अरक्षणीय आपराधिक नीति का बचाव करने का अवांछनीचय कार्य सौंपा गया है।"

उन्होंने कहा, "चाहे सरकार कितना भी छिपाने की कोशिश करे भारत यह पता कर लेगा कि नोटबंदी महज बिना सोची समझी और खराब तरीके से लागू की गई आर्थिक नीति नहीं थी, बल्कि यह सावधानीपूर्वक नियोजित आपराधिक वित्तीय घोटाला थी।"

-आईएएनएस