कानपुर: अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर सियासत फिर गर्म है। इस मुद्दे पर बीजेपी की अक्सर खिंचाई करने वाली शिवसेना ने पार्टी स्तर पर बड़ी तैयारी का दावा किया है।

कानपुर में शिव सेना की प्रेस वार्ता में मंदिर निर्माण की तारीख तय करते हुए 13 अक्टूबर को अयोध्या कूच का दावा किया गया है। इस बारे में कानपुर नगर शिव सेना प्रमुख ने दावा किया कि हजारों की संख्या में नौजवान और आम नागरिक अयोध्या में इस दिन पहुंचकर मंदिर निर्माण का काम शुरू करेंगे।

शिवसेना ने खुलकर बीजेपी पर राम मंदिर मुद्दे पर अनदेखी का आरोप लगाया। एससी एसटी सहित कई मुद्दों पर शिवसेना नेताओं ने बीजेपी पर निशाना साधा। शिवसैनिकों ने प्रेस कांफ्रेंस में दावा किया कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनकर रहेगा। चाहे इसेक लिए उनके शरीर का कतरा कतरा खून कुर्बान ही क्यों न हो जाय।

शिवसेना के जिस तरह तेवर दिखे ऐसे में यात्रा के हिंसक होने से इनकार नहीं किया जा सकता है। सूबे की योगी सरकार के लिए मुश्किल है कि वो शिवसैनिकों को मंदिर निर्माण के लिए इजाजत दे नहीं सकती। चूंकि मामला कोर्ट में है। अगर योगी ने शिवसैनिकों को रोका तो बीजेपी विरोध की हवा बुलंद करने की तैयारी है।

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वहीं अगर शिवेसेना का योगी सरकार ने साथ दिया तो कोर्ट का डंडा सरकार के लिए तैयार होगा। ऐसे में कुल मिलाकर कहा जाय तो मंदिर के नाम पर राजनीति करने की पूरी तैयारी है।

अब तक अयोध्या में राम मंदिर का मुद्दा बीजेपी के आधिपत्य में रही है। अब बाकी पार्टियां भी इस मुद्दे पर वोट की राजनीति करने से पीछ नहीं रहना चाहती है।