नई दिल्ली : वित्तमंत्री अरुण जेटली ने शुक्रवार को उन सवालों को टाल दिया जो पेट्रोल और डीजल के दाम में कमी करने के लिए कच्चे तेल के आयात पर कर कटौती पर विचार करने को लेकर पूछा गया था।

जेटली से पूछा गया कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें कम करने के लिए क्या सरकार कच्चे तेल पर कर कटौती करने पर विचार कर रही है। पेट्रोल और डीजल की कीमतें पिछले करीब एक महीने से रिकॉर्ड ऊंचाइयों को छू रही हैं। जेटली वस्तु एवं सेवा कर परिषद की बैठक के बाद मीडिया को बैठक की जानकारी दे रहे थे।

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उनसे जब यह पूछा गया कि क्या बैठक में पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने पर विचार किया गया तो उन्होंने कहा, "यह एजेंडा में नहीं था।"

कांग्रेस समेत राजनीतिक दल पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग कर रहे हैं ताकि उनपर लगने वाले करों में कमी हो, जिसके फलस्वरूप लोगों को पंप पर कम दर पर तेल मिलेगा।

वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को कहा कि गैर-जरूरी वस्तुओं का आयात कम करने और निर्यात को बढ़ावा देने के साथ-साथ देश में पेट्रोल और डीजल की खपत करना भी चालू खाता घाटा कम करने के लिए की जा रही पूरी कवायद का हिस्सा है।