पटना : बिहार के उपमुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने मंगलवार को कहा कि चारा घोटाला मामले में सजायाफ्ता राजद प्रमुख लालू प्रसाद के ट्वीट कर राजनीतिक टिप्पणी करने पर सीबीआई को नोटिस लेना चाहिए और इससे अदालत को अवगत कराना चाहिए।

सुशील ने ट्वीट कर कहा कि चारा घोटाला के चार मामलों में सजायाफ्ता लालू प्रसाद न चुनाव लड़ सकते हैं, न सजा काटने तक बंदी रहते हुए वे बयानबाजी कर सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाय कि लालू प्रसाद जेल नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए जिस तरह लगातार ट्वीट कर राजनीतिक टिप्पणी कर रहे हैं, उस पर सीबीआई को नोटिस लेना चाहिए और इससे कोर्ट को अवगत कराना चाहिए।

लालू ने उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के अपराधियों से पितृपक्ष के दौरान किसी वारदात को अंजाम नहीं देने के आग्रह को लेकर उन पर और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए मंगलवार को ट्वीट कर कहा ''हाथ-गोड़ कुछउ जोड़, अपराधियों के चरण धोकर उनका चरणामृत भी पी लो...अरे शर्म करो...।''

मीडिया में आयी रिपोर्ट के अनुसार सुशील ने गत 23 सितंबर को गया जिला में पितृपक्ष मेला का उद्घाटन करते हुए अपराधियों से पितृपक्ष के दौरान किसी वारदात को अंजाम नहीं देने का आग्रह किया था। पटना शहर में मंगलवार को आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे सुशील से जब पत्रकारों ने उनके उक्त बयान के बारे में पूछा तो उन्होंने इस पर कोई भी टिप्पणी नहीं की और वहां से रवाना हो गए।

लालू ने अपने ट्वीट के बारे में कहा है ''प्रिय मित्रों! जेल में रहते हुए, मेरा ट्विटर हैंडल परिवार के परामर्श से मेरे कार्यालय द्वारा संचालित किया जाएगा। मैं आगंतुकों के माध्यम से अपने मन की बात बोलूंगा। संविधान को संरक्षित करने और कमजोर समूहों के अधिकारों की रक्षा करने के लिए लड़ाई जारी रहेगी।''

सुशील ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र की राजग सरकार ने बिना किसी बिचौलिये के राफेल विमानों की खरीद का समझौता २० फीसद कम कीमत और बेहतर शर्तों पर किया।

उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल चीन, पाकिस्तान और फ्रांस में बैठे अपने दोस्तों को फायदा पहुंचाने के लिए देश को गुमराह कर रहे हैं। वे विमान सौदे में राबर्ट वाड्रा की कंपनी को शामिल न करने की खीझ उतारने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के बारे में अपशब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गरीब परिवार का प्रधानमंत्री कांग्रेस को बर्दाश्त नहीं हो रहा।