नई दिल्ली: केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने कहा है कि वित्त मंत्रालय ने PAN कार्ड नियमन में संशोधन की प्रक्रिया आरंभ कर दी है ताकि अकेले रहने वाली महिलाओं को अपने बच्चों का PAN कार्ड बनवाने में पूर्व पति के नाम का उल्लेख नहीं करना पड़े।

मेनका ने ट्वीट कर कहा,‘‘मुझे यह जानकार खुशी हुई है कि वित्त मंत्रालय ने PAN कार्ड नियमन में संशोधन की प्रक्रिया आरंभ कर दी है ताकि अकेले रहने वाली महिलाओं को अपने बच्चों का PAN कार्ड बनवाने में पूर्व पति के नाम का उल्लेख नहीं करना पड़े।'' दरअसल, मेनका गांधी ने PAN कार्ड नियमन में बदलाव की मांग करते हुए जुलाई महीने में वित्त मंत्रालय को चिट्ठी लिखी थी।

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मेनका गांघी ने कहा था कि बच्चों के लिए PAN कार्ड बनवाने में उनके पिता का नाम न लिखने के विकल्प की व्यवस्था की जाए। मंत्री के मुतबिक तलाकशुदा महिलाओं, सिंगल मदर या पति से अलग हो चुकी महिलाओं के बच्चों के सामने कई तरह की समस्याएं आती हैं, इसलिए ऐसे बच्चों को PAN कार्ड में पिता का नाम न लिखने का विकल्प भी दिया जाना चाहिए। मौजूदा नियमों के तहत PAN कार्ड के लिए आवेदन करते वक्त फॉर्म में पिता का नाम देना अनिवार्य है।