मेरठ में हिंदू अदालत, जज बोलीं - “गोडसे से पहले पैदा होती तो गांधी को मैं मारती”

शकुन पांडे: सोशल मीडिया से साभार - Sakshi Samachar

मेरठ: यहां गठित पहली हिंदू अदालत की पहली महिला जज के बयान सुनकर आपके होश उड़ जाएंगे। जज नियुक्त की गईं डॉ पूजा शकुन पांडे ने बड़बोलेपन से कहा कि उन्हें गर्व है कि उनका संगठन अखिल भारत हिंदू महासभा नाथू राम गोडसे को अपना आदर्श समझता है और उनकी पूजा करता है।

निजी चैनल से बातचीत में शकुन पांडे ने बेबाकी से ये बयान दिया। यहां बता दें कि शकुन पांडे पढ़ी लिखी हैं और वे प्रतिष्ठित संस्थान में बतौर प्राध्यापिका नियुक्त है।

शकुन ने आगे कहा कि अगर वो गोडसे से पहले पैदा होतीं तो खुद ही गांधी जी को मार डालतीं।

दरअसल देश में शरिया अदालतों की तर्ज पर हिंदुवादी संगठन ने 'हिंदू अदालत' के गठन की प्रक्रिया शुरू की है। हालांकि इन अदालतों की कोई वैधता नहीं है। वहीं राज्य या केंद्र सरकार ने इनके खिलाफ कोई कड़ा रुख भी अख्तियार नहीं किया है।

अखिल भारत हिंदू महासभा का दावा है कि इन्होंने मेरठ में देश की पहली 'हिंदू अदालत' की स्थापना की है। संगठन ने दावा किया है कि देशभर में ऐसी ही अन्य अदालतें शुरू की जाएंगी।

अलीगढ़ की डॉ पूजा शकुन पांडे को इस अदालत का पहला जज भी नामित किया गया। महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अशोक शर्मा के मुताबिक हिंदू अदालतों में जमीन विवाद, मकान और विवाह के मामलों का निपटारा समझौते के आधार पर कराया जाएगा। इसके लिए महासभा बकायदा नियम बनाएगी, जिसे जल्द ही सार्वजनिक किया जाएगा।

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हिंदू अदालतों की वैधता को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में मामला चल रहा है जिसकी अगली सुनवाई आगामी 11 सितम्बर को होनी है। इस मामले में शकुन पांडे भी पक्षकार हैं।

हिंदुवादी संगठनों की दलील है कि अगर मुसलमानों को शरिया अदालत चलाने की इजाजत है तो फिर हिंदू अदालतों में क्या बुराई है। हिंदुवादी संगठन इस मामले में कोर्ट में बहस से खुश हैं। अगर कोर्ट का रुख नर्म रहा तो इन्हें सामाजिक स्तर पर बड़ी मान्यता मिल जाएगी।

हिंदू अदालत शुरू करने वाले संगठन ने इससे पहले देश में जारी शरिया अदालतों का विरोध किया था। हालांकि इस विरोध फर किसी सरकार ने कभी कोई संज्ञान नहीं लिया।

हालांकि कुछ लोग शकुन पांडे के बयान को तरजीह नहीं देते हुए उनके सार्वजनिक जीवन में छोटे कद होने का हवाला दे रहे हैं।

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