नई दिल्ली : केंद्र की बीजेपी नीति राजग गठबंधन आने वाले 2019 के लोकसभा चुनाव के साथ 11 राज्यों के चुनाव भी करा सकती है। इसके लिए बीजेपी सभी पार्टियों की बैठक भी बुला सकता ही।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक देश एक चुनाव की पैरवी पहले से करते रहे हैं। इसके लिए संविधान में कोई संसोधन भी करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

इसे भी पढ़ें

भाजपा का नया दांव : 2019 में मुलायम के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे अमर सिंह !

गौरतलब हो कि 2014 में लोकसभा के साथ ही तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, और ओडिशा के चुनाव के साथ होते हैं। वहीं लोकसभा चुनाव से छह महीने पहले 2013 में राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ और मिजोरम में वोट डाले गए थे। ऐसे में इन राज्यों के विधानसभा चुनावों को कुछ महीनों के लिए आगे बढ़ाया जा सकता है।

महाराष्ट्र, झारखंड और हरियाणा जैसे राज्यों में भी 2014 में लोकसभा चुनाव के कुछ महीने बाद ही विधानसभा चुनाव हुए थे। ऐसे में इन राज्यों में समय से पहले चुनाव कराए जाने की उम्मीद दिख रही है। वहीं जम्मू और कश्मीर में पीडीपी-बीजेपी के अलग होने के बाद अभी किसी भी पार्टी की सरकार नहीं है। वहां राज्यपाल शासन है, इसलिए वहां भी लोकसभा के साथ ही चुनाव काराए जा सकते हैं