रायपुर : कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज राफेल लड़ाकू विमान सौदे को देश का ‘‘अब तक का सबसे बड़ा'' रक्षा घोटाला करार देते हुए इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन पर भी हमला किया। राहुल ने कहा कि पाकिस्तान में पनामा पेपर्स में नवाज़ शरीफ की कुर्सी चली जाती है, लेकिन मुख्यमंत्री के बेटे का नाम इस मामले में आता है, तो यहां कुछ नहीं होता। क्या यह बीजेपी-एनडीए की चौकीदारी है?

कांग्रेस अध्यक्ष आज रायपुर में कांग्रेस की छत्तीसगढ़ इकाई के नये कार्यालय का उद्घाटन करने पहुंचे थे।

राहुल ने यहां एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दावा किया कि राफेल विमानों का दाम 540 करोड़ रुपये प्रति विमान से ''जादुई तरीके से'' बढ़कर 1600 करोड़ रुपये प्रति विमान हो गया। भारत ने 2015 में फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किये थे।

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गांधी ने कहा, ''संप्रग सरकार ने राफेल करार तैयार किया था जिसके अनुसार हर विमान का दाम करीब 540 करोड़ रुपये था। करार तैयार था और मोदी जी को केवल फैसला करना था।'' गांधी ने कहा, ''लेकिन, मोदी जी फ्रांस गये और उन्होंने पिछला करार खत्म कर दिया और रक्षा मंत्री तथा अन्य कैबिनेट मंत्रियों को इसके बारे में पता नहीं था।''

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि लड़ाकू विमान के संबंध में एक अनुबंध सरकारी हिन्दुस्तान ऐरोनाटिक्स लिमिटेड से छीन लिया गया और इसे एक निजी कंपनी को दे दिया गया जिसने कभी विमान नहीं बनाया और ना ही कभी कोई रक्षा अनुबंध लिया। उन्होंने दावा किया, ''जिस कंपनी से करार किया गया उस पर 45 हजार करोड़ रुपये का ऋण था।''

पार्टी की प्रदेश इकाई के नवनिर्मित कार्यालय के उद्घाटन के मौके पर गांधी ने कहा कि मोदी ने उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान में बलात्कार की घटनाओं पर एक शब्द भी नहीं बोला है। उन्होंने बलात्कार की घटनाओं के बारे में कहा कि स्थिति ''पिछले तीन हजार सालों में'' इतनी खराब कभी नहीं रही।

बता दें राहुल गांधी आज छत्‍तीसगढ़ दौरे पर है, जिस दौरान उन्होंने नये कार्यालय का उद्घाटन किया। इस दो मंजिला कार्यालय का नाम 'राजीव भवन' रखा गया है। भवन राजधानी रायपुर के रिहायशी शंकर नगर इलाके में स्थित है। इस अवसर पर कांग्रेस के कोषाध्यक्ष मोतीलाल वोरा, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के छत्तीसगढ़ प्रभारी पीएल पुनिया, प्रदेश पार्टी प्रमुख भूपेश बघेल और विपक्ष के नेता टी एस सिंहदेव एवं अन्य उपस्थित थे।