टाइटल : गद्दलकोंडा गणेश(वाल्मिकी)

जॉनर : कॉमेडी एंटरटेनेर

कलाकार : वरुण तेज, अथर्वा, पूजा हेगड़े, मृणालिनी रवि, ब्रह्माजी, तणिकेल्ला भरणी

संगीत : मिक्की जे मेयर

निर्माता : राम अचंटा, गोपी अचंटा

निर्देशक : हरीश शंकर

मेगा हीरो वरुण तेज फिल्म इंडस्ट्री में अपना एक अलग स्थान बनाने की कोशिश में डिफरेंट फिल्में साइन करते हुए लगातार हिट्स पर हिट्स दे रहे हैं। इस वर्ष अपनी फिल्म F2 की सफलता के बाद वरुण तेज दर्शकों के और करीब पहुंचने के इरादे से एक तमिल फिल्म का रिमेक लेकर दर्शकों के सामने आए हैं।

पूजा हेगड़े और वरुण तेज 
पूजा हेगड़े और वरुण तेज 

रिमेक स्पेशलिस्ट हरीश शंकर ने तमिल फिल्म 'जिगर्तांड' को यहां के दर्शकों की रुचि के अनुरूप 'वाल्मिकी' के नाम से रिमेक किया है। परंतु फिल्म रिलीज से एक दिन पहले कोर्ट के आदेश पर फिल्म का नाम वाल्मिकी से बदल कर गद्दलकोंडा गणेश रखा गया। ऐसे में हमें यह देखना होगा कि तो क्या यह फिल्म फिर वरुण तेज के लिए हिट साबित होगी या नहीं।

वरुण तेज
वरुण तेज

कहानी

अभी (अथर्वा) निर्देशक बनने की कोशिश में रहता है। रियलिस्टिक फिल्म को पर्दे पर उतारने के इरादे से वह फॉर्म में चल रहे एक गैंगस्टर की तलाश करने लगता है। उसी वक्त उसे गद्दलकोंडा गणेश (वरुण तेज) के बारे में पता चलता है तो वह उसी पर फिल्म बनाने के लिए फिक्स हो जाता है। परंतु गद्दलकोंडा गणेश एक ऐसा गैंगस्टर है जो उसका सामना करने वाले और उसके बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश करने वालों की हत्या कर देता है। ऐसे में अभी गणेश के करीब कैसे पहुंचा, उसके साथ मिलकर फिल्म कैसा बनाया.. उसके लिए अभी को क्या-क्या करना पड़ा? इस सफर में गद्दलकोंडा गणेश क्या बदल गया या नहीं? यही सब फिल्म की बाकी कहानी है।

कलाकार

गद्दलकोंडा गणेश के किरदार में वरुण तेज खूब जचे हैं। एक्टिंग, लुक से लेकर भाषा पर पकड़ तक वरुण तेज ने अपने किरदार को सूट होने के लिए खुद को बदला है। वन मैन शो की तरह पर्दे पर नजर हैं आए वरुण तेज।

गद्दलकोंडा गणेश ने केवल हसाया ही नहीं बल्कि रुलाया भी है। इस फिल्म से यह बात साफ है कि एक्टिंग में वरुण तेज एक सीढ़ी ऊपर पहुंचे है। अभी की भूमिका में अथर्वा भी खूब जचे हैं। अब यह देखना होगा कि क्या अथर्वा आगे भी तेलुगु दर्शकों को एंटरटेन करेंगे या नहीं?

एक गाने में वरुण तेज और पूजा हेगड़े
एक गाने में वरुण तेज और पूजा हेगड़े

पूजा हेगड़े का किरदार बहुत छोटा है, लेकिन जितना भी है उन्होंने उसके साथ पूरा न्याय हुआ है। वह श्रीदेवी की किरदार में अपनी खूबसूरती से सभी को आकर्षित किया है। मृणालिनी रवि की एक्टिंग भी ठीक-ठाक है। तणिकेल्ला भरणी के केवल दो सीन है, लेकिन उन्होंने सभी को रोने पर मजबूर कर दिया है। ब्रह्माजी, सत्या, फिश वेंकट, शत्रु इस तरह बाकी किरदारों ने अपनी क्षमता के मुताबिक अच्छा काम किया है।

फिल्म के एक सीन में पूजा हेगड़े 
फिल्म के एक सीन में पूजा हेगड़े 

विश्लेषण

फिल्म के लिए कहानी अहम होती है और यह बात वाल्मिकी से एक बार फिर सही साबित हुई है। यह कहानी तमिलनाडु में सुपरहिट रही जिगर्तांड फिल्म की है। टाइटल क्रेडिट्स में कहानी के लेखक कार्तिक सुब्बराजू होने से पता चलता है कि यह कहानी कितनी महत्वपूर्ण है। वहां के दर्शकों को जैसे जिगर्तांड पसंद आया था, वैसे यहां के दर्शकों को गद्दलकोंडा गणेश भी पसंद आएगा। यह कहना गलत नहीं होगा कि हमारे तेलुगु दर्शकों की उम्मीदों पर खरा उतारने में हरीश शंकर की कोशिश सफल हुई है।

फिल्म के संगीतकार मिक्की जे मेयर के गाने ही नहीं बल्कि बैक ग्राउंड म्यूजिक काफी अच्छा और फ्रेश है। गद्दलकोंडा गणेश की भूमिका अगर उतना असरदार दिखा है तो उसका श्रेय केवल मिक्की जे मेयर की संगीत को जाता है। एडिटिंग, सिनमेटोग्राफी, निर्माण भी फिल्म की कहानी के अनुरूप है।

प्लस प्वाइंट्स

कहानी

वरुण तेज

संगीत

माइनस प्वाइंट्स

कहानी में बदलाव

स्लो नरेशन