जॉनर : एक्शन ड्रामा

कलाकार : महेश बाबू, पूजा हेगड़े, अल्लरी नरेश, जगपति बाबू, प्रकाश राज

संगीत : देवी श्री प्रसाद

निर्देशन : वंशी पैड़िपल्ली

निर्माता : दिलराजू, पीवीपी, अश्विनी दत्त

टॉलीवुड के सुपरस्टार महेश बाबू की 25वीं फिल्म है महर्षि। महेश बाबू की करियर की माइलस्टोन मूवी होने से दिलराजू, अश्विनी दत्त और पीवीपी जैसे बड़े निर्माताओं ने मिलकर भारी बजट के साथ फिल्म का निर्माण किया है। निर्देशक वंशी पैड़िपल्ली ने महेश बाबू की इमेज को और एलिवेट करने जैसा एक्शन, इमोशन, कॉमेडी, मैसेज जैसे सभी तरह के एलिमेंट्स के साथ कहानी गढ़ी है। महेश बाबू के फैन्स में महर्षि को लेकर काफी उम्मीदें जागी थीं, तो क्या महेश बाबू उनकी उम्मीदों पर खरे उतरे हैं ? महेश बाबू की करियर में महर्षि क्या मेमोरेबल फिल्म बनकर रह जाएगी?

कहानी :

महर्षि की कहानी विदेश में शुरू होती है। ऋषि (महेश बाबू) ऑरिजन कंपनी में CEO के रूप में पदभार संभालता है और उसे यहां 950 करोड़ रुपये की सैलरी मिलती है। बाद में फिल्म की फ्लैश बैक शुरू हो जाती है। विशाखापटनम आईआईईटी में ज्वाइन हुए ऋषि का परिचय रवि (अल्लरी नरेश) और पूजा (पूजा हेगड़े) से होती है।

तीनों के बीच अच्छी दोस्ती बनती है। मौज-मस्ती, झगड़े और प्यार के साथ उनका कॉलेज लाइफ खत्म हो जाता है। कॉलेज की पढ़ाई पूरी हो जाने से तीनों बिछड़ जाते हैं। दूनिया को जीतने की इच्छा रखने वाला ऋषि अमेरिका चले जाता है, लेकिन पिता की मौत के कारण वह वापस भारत लौट जाता है। इसी दौरान उसे अपने मित्र रवि के बारे में पता चलता है कि कॉलेज में उसे बचाने की कोशिश में रवि सस्पेंड हुआ था।

उसे यह भी पता चलता है कि रवि रामवरम गांव में किसानों के लिए लड़ रहा है। अपने दोस्त के लिए किसानों की समस्याएं सुलझाने का मन बना चुका ऋषि पहले विवेक मित्तल (जगपति बाबू) से मिलता है और गांव में बिछाए जा रहे पाइप लाइन को तुरंत बंद करने के लिए कहता है।

फिल्म के एक गाने में पूजा हेगड़े के साथ महेश बाबू
फिल्म के एक गाने में पूजा हेगड़े के साथ महेश बाबू

परंतु मित्तल ऐसा करने से साफ इनकार कर देता है। इसपर ऋषि रामवरम में ही अपनी कंपनी की नई शाखा खोलकर वहीं रह जाता है। इससे विवेक मित्तल और ऋषि के बीच लड़ाई शुरू हो जाती है। इस लड़ाई में ऋषि कैसे जीत हासिल करता है? इस यात्रा में उसे क्या-क्या खोना पड़ता है..? यही फिल्म की बाकी कहानी है।

कलाकार :

सुपरस्टार महेश बाबू एक बार बेहतरीन परफार्मेन्स के साथ ऋषि की भूमिका में नजर आए हैं। इमोशन्स, एक्शन और कॉमेडी टाइमिंग के साथ दर्शकों को काफी आकर्षित किया है। तीन डिफरेंट लुक्स में दिखे प्रिन्स की एक्टिंग सुपर्ब है। एक और महत्वपूर्ण भूमिका में रहे अल्लरी नरेश ने करियर के बेस्ट परफार्मेन्स के साथ दर्शकों को खुश किया है।

कॉमेडी तक सीमित रहे नरेश के लिए यह अच्छा ब्रेक कहा जा सकता है। अभिनेत्री पूजा हेगड़े ने जो रोल मिला है उसके साथ पूरा इंसाफ करने की कोशिश की है। विलन की भूमिका में जगपति बाबू एक भिर स्टाइलिश लुक में दिखे हैं। अन्य भूमिकाओं में प्रकाश राज, जयसुधा, साई कुमार, तनिकेल्ला भरणी, वेन्नेला किशोर आदि ने अपने-अपने किरदारों के साथ न्याय किया है।

फिल्म में महेश बाबू और पूजा हेगड़े के साथ अल्लरी नरेश
फिल्म में महेश बाबू और पूजा हेगड़े के साथ अल्लरी नरेश

विश्लेषण :

महेश बाबू की 25वीं फिल्म के लिए निर्देशक वंशी पैड़िपल्ली ने दमदार कहानी तैयार की है, लेकिन इस कहानी में शामिल मुद्दे श्रीमंतुडु, भरत अने नेनू, कैदी नंबर 150 जैसे शामिल फिल्मों से जुड़े होने के कारण थोड़ा रुटीन लगता है। कहानी के मामले में भी निर्देशक हड़बड़ाते दिखे हैं। लंबे समय तक चलने वाले नेरेशन जगह-जगह बोर फील कराता है। परंतु सुपरस्टार के फैन्स को वंशी ने काफी एंटरटेनमेंट किया है। महेश की हीरोइजम, इमोशनल एक्टिंग, कॉमेडी टाइमिंग इस तरह सभी को पर्दे पर बखूबी उतारा गया है।

संगीत निर्देशक देवी श्री प्रसाद एक बार फिर फेल हुए हैं। पिछले फिल्मों में गाने चाहे कुछ भी हो, लेकिन म्यूजिक से दर्शकों को खुश करने वाले देवी श्री प्रसाद इस फिल्म में बैक ग्राउंड स्कोर के मामले में भी उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे हैं।

केयू मोहनन की सिनमेटोग्राफी फिल्म को रिच लुक लेकर आई है। अमेरिका के दृश्यों के साथ ग्रामीण क्षेत्र में दिखाई देने वाले सभी सीन्स में कैमरा वर्कआउट साफ देखने को मिलता है। एडिटिंग के मामले में भी और ध्यान देने की जरूरत है।

करीब तीन घंटे तक चलने वाली इस फिल्म में दर्शकों को कभी-कभी बोर फील होता है। महेश की करियर में माइलस्टोन फिल्म होने से निर्माताओं ने खर्च के मामले में पीछे हटे बिना फिल्म को पूरा किया है। दिलराजू, अश्विनी दत्त और पीवीपी ने जरूरत से ज्यादा खर्च किया है।

प्लस प्वाइंट्स

महेश बाबू और अल्लरी नरेश की एक्टिंग

इमोशनल सीन्स

एक्शन सीन्स

माइनस प्वाइंट्स

फिल्म की रफ्तार

रूटीन स्टोरी

जगह-जगह स्लो नरेशन

संगीत