मुंबई: रीयल्टी, बैंकिंग, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और वाहन क्षेत्र की बड़ी कंपनियों के शेयरों में मुनाफावसूली तथा वैश्विक बाजारों के कमजोर रुख से शेयर बाजारों में शुक्रवार को भारी गिरावट दर्ज की गयी।

बंबई शेयर का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 689.60 अंक यानी 1.89 प्रतिशत टूटकर 35,742.07 अंक पर आ गया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 197.70 अंक यानी 1.81 प्रतिशत के नुकसान से 10,800 अंक से नीचे 10,754 अंक पर बंद हुआ।

साप्ताहिक आधार पर सेंसेक्स 527.93 अंक नुकसान में रहा। साप्ताहिक आधार पर निफ्टी भी 134 अंक टूटा। एमके वेल्थ मैनेजमेंट के शोध प्रमुख जोसफ थॉमस ने कहा कि सप्ताहांत पर शेयर बाजार में बिकवाली देखी गयी।

सेंसेक्स में इसलिए गिरावट

इसका कारण मुख्यत: आने वाले साल में अपेक्षाकृत कम आर्थिक वृद्धि दर की आशंका रही। विश्लेषकों ने कहा कि रुपये को लेकर चिंताओं से आईटी और प्रौद्योगिकी कंपनियों में गिरावट रही।

इनके शेयर को हुआ नुकसान

सेंसेक्स की कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, इन्फोसिस, टीसीएस, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी, एचडीएफसी बैंक, आईटीसी, मारुति सुजुकी, एलएंडटी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एक्सिस बैंक, विप्रो और इंडसइंड बैंक के शेयर चार प्रतिशत तक टूट गए। वहीं दूसरी ओर एनटीपीसी, पावरग्रिड और कोल इंडिया के शेयर एक प्रतिशत तक चढ़ गए।

बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप में भारी बिकवाली

बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप में भारी बिकवाली देखने को मिली। मिडकैप में 1.79 प्रतिशत तथा स्मॉलकैप में एक प्रतिशत की गिरावट आई। अमेरिका में सरकार के कामकाज की संभावित बंदी तथा अमेरिका और चीन के बीच तनाव बढ़ने से वैश्विक रुख प्रभावित हुआ, जिसका असर यहां भी दिखाई दिया।

इस बीच, शेयर बाजारों के अस्थायी आंकड़ों के अनुसार विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने बृहस्पतिवार को 386.44 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 87.96 करोड़ रुपये की लिवाली की।

इस बीच, अंतर बैंक विदेशी विनिमय बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपया 52 पैसे के नुकसान के साथ 70.22 प्रति डॉलर पर चल रहा था। वायदा कारोबार में ब्रेंट क्रूड 0.96 प्रतिशत टूटकर 53.83 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

रुपये में इसलिए आई गिरावट

विश्लेषकों ने कहा कि ऋणपत्रों से आय में उतार-चढ़ाव के कारण रुपये ने तेजी गंवाई है। हालांकि कच्चे तेल में नरमी से आने वाले समय में रुपये को मजबूती मिलने की संभावना है। निवेशक इस मौके का लाभ हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली के लिये कर रहे हैं। घरेलू आर्थिक सूचकांकों के अच्छे रहने से बाजार को सकारात्मक दिशा मिलेगी।

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एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.06 प्रतिशत और हांग कांग का हैंग सेंग 0.51 प्रतिशत की बढ़त में रहा। हालांकि जापान का निक्की 1.11 प्रतिशत और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.79 प्रतिशत लुढ़क गया।

यूरोपीय बाजारों में शुरुआती कारोबार में जर्मनी का फ्रैंकफर्ट डीएएक्स 0.62 प्रतिशत, फ्रांस का पेरिस सीएसी40 0.97 प्रतिशत और ब्रिटेन का लंदन एफटीएसई 0.31 प्रतिशत की गिरावट में चल रहा था।

शेयरखान बाय बीएनपी परिबा के परामर्श प्रमुख हेमांग जानी ने कहा कि बाजार शनिवार को जीएसटी परिषद की होने वाली बैठक पर करीबी नजर रखेगा। इस बैठक में कई सामानों पर कर की दर कम किये जाने की उम्मीद है।