लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में आध्यात्मिक एवं स्वास्थ्य से जुड़े पर्यटन के क्षेत्र में व्यापक संभावनाओं के मद्देनजर पर्यटन स्थलों का विकास कर रही है ताकि देश विदेश से पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके। खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मानना है कि उत्तर प्रदेश की पहचान असीम संभावनाओं वाले प्रदेश के रूप में बन गयी है।

राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा, ''मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कह चुके हैं कि स्प्रिचुअल एंड वेलनेस टूरिज्म के क्षेत्र में व्यापक सम्भावनाएं मौजूद हैं और राज्य सरकार प्रदेश के पर्यटन स्थलों का विकास कर रही है ताकि देश-विदेश से पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके।''

उल्लेखनीय है कि योगी ने हाल ही में होटल एवं रेस्तरां उद्योग से जुड़े एक सम्मेलन के दौरान कहा था कि उत्तर प्रदेश न सिर्फ राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेश का बेहतरीन गंतव्य बन गया है। निवेश प्रस्तावों के तहत 'हॉस्पिटैलिटी' सेक्टर के काफी प्रस्ताव मिले हैं।

योगी ने कहा था कि पर्यटन को प्रोत्साहित करने और इस क्षेत्र में रोजगार सृजन के लिए राज्य सरकार 'हॉस्पिटैलिटी' सेक्टर में निवेश करने वालों को बढ़ावा देगी और राज्य सरकार की मंशा इस सेक्टर में हर साल पांच हजार करोड़ रूपये का निवेश सुनिश्चित करने की है।

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प्रवक्ता ने कहा कि वेलनेस अथवा स्वास्थ्य पर्यटन के क्षेत्र में देश ने तेजी से अपना विशिष्ट स्थान बनाया है। उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य पर्यटन के क्षेत्र में विकास की अपरिमित सम्भावनाएं मौजूद हैं। प्रदेश में कुशल डॉक्टरों और आधुनिक सुविधाओं से युक्त अस्पतालों की पर्याप्त उपलब्धता है।

उन्होंने कहा कि भारत में स्वास्थ्य सेवाएं अन्य देशों के मुकाबले काफी सस्ती हैं। आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा, योग आदि की समृद्ध परंपरा स्वास्थ्य हेतु पर्यटकों के आकर्षण का बड़ा कारण हैं। उन्होंने कहा कि पारम्परिक भारतीय चिकित्सा पद्धति आधुनिक जीवन शैली से जुड़ी बीमारियों के उपचार में अत्यंत कारगर सिद्ध हो रही है।