भारत में 2024 तक प्रत्येक नल में जल के लिए इजराइल देगा मदद, आंध्र प्रदेश को बड़ा फायदा

कान्सेप्ट फोटो - Sakshi Samachar

तेल अवीव : भारत ने 2024 तक प्रत्येक परिवार को नल-जल सुनिश्चित करने के लिये इजराइल की मदद मांगी है। मोदी सरकार के इस लक्ष्य को पूरा करने के लिये जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत यहां दौरे पर आ रहे हैं। भारत के नवनियुक्त राजदूत संजीव सिंगला ने यह जानकारी दी। शेखावत 17 से 19 नवंबर के बीच इजराइल की तीन दिन की यात्रा पर होंगे।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में कहा था कि 2024 तक घरों में पाइप से जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिये ‘‘जल जीवन मिशन'' के तहत आने वाले बरसों में 3.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च किये जाएंगे।

इजराइल में भारत के नवनियुक्त राजदूत सिंगला ने पीटीआई भाषा से कहा, ‘‘जुलाई 2017 में हमारे प्रधानमंत्री की इजराइल की ऐतिहासिक यात्रा के दौरान भारत और इजराइल जल एवं कृषि क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी बनाने के लिये सहमत हुए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के तहत भारत सरकार जल संसाधनों के संरक्षण, विकास और प्रबंधन को शीर्ष वरीयता दे रही है।''

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प्रधानमंत्री मोदी के निजी सचिव रह चुके सिंगला ने कहा, ‘‘जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की यात्रा अहम है क्योंकि दोनों देश इस दिशा में और अधिक सहयोग एवं ठोस नतीजों के संभावित क्षेत्र तलाशेंगे। यह जल जीवन मिशन के तहत 2024 तक भारत में हर परिवार को नल-जल सुनिश्चित करने की प्रधानमंत्री की सोच के भी अनुरूप है।''

उल्लेखनीय है कि इजराइल ने जल पुनर्चक्रण को रोजमर्रा के जीवन का अभिन्न हिस्सा बना रखा है। पर्यावरण मंत्रालय ने कहा कि इजराइल में घरों से निकलने वाले 80 प्रतिशत से अधिक जल का पुनर्चक्रण किया जाता है। इजराइल के जल प्राधिकरण के मुताबिक यह अनुपात किसी अन्य देश की तुलना में चार गुना अधिक है। शेखावत अपनी यात्रा के दौरान इजराइल के ऊर्जा मंत्री युवाल स्तेनीत्ज से बातचीत करेंगे, जिनके पास जल जैसे प्राकृतिक संसाधनों के विभाग का भी प्रभार है।

वह जल प्रबंधन के क्षेत्र में प्रमुख विशेषज्ञों, इस क्षेत्र में सक्रिय कुछ इजराइली कंपनियों और अन्य संबद्ध हितधारकों से भी बातचीत करेंगे। शेखावत जल पर भारत-इजराइल रणनीतिक साझेदारी बैठक की भी सह अध्यक्षता करेंगे। उनकी यात्रा के दौरान गहराई से चर्चा के लिये पांच अहम क्षेत्रों की पहचान की गई है। वह 19 नवंबर को डब्ल्यूएटीईसी कार्यक्रम में मुख्य वक्ता भी होंगे।

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केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के साथ आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, पंजाब और दिल्ली से एक बड़ा शिष्टमंडल भी जा रहा है। इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में भारतीय कारोबारी भी शामिल होंगे। इजराइल के ऊर्जा और विदेश मंत्रालयों ने भारत के जल शक्ति मंत्री की यहां की प्रथम यात्रा पर उत्साह प्रकट किया है।

इजराइली मंत्रालयों ने एक बयान में कहा, ‘‘जल जीवन का स्रोत है। प्रत्येक मानव को जल प्राप्त करने के अधिकार है और हम इस लक्ष्य को हासिल करने में साझेदार हैं।'' दूषित जल शोधन, पुनर्चक्रण और पुन:उपयोग, जल उपयोग दक्षता, जल-मूल्यांकन,माप और प्रबंधन, भूजल आकलन एवं पुनर्भरण, पेयजल एवं जल से लवण को हटाने जैसे कुछ अहम क्षेत्रों की पहचान संभावित सहयोग के लिये की गई है। उद्योग सूत्रों के मुताबिक जल बचाने वाली इजराइली प्रौद्योगिकियों का निर्यात एक साल में 1.5 अरब डॉलर बढ़ा है।

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