आखिर समय में ऐसी हो गई थी बगदादी की हालत, जानिए कैसे मारा गया खूंखार आतंकवादी

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वॉशिंगटन : इस्लामिक स्टेट का सरगना अबू बकर अल बगदादी शनिवार को उत्तर-पश्चिमी सीरिया में अमेरिका के विशेष बलों के हमले में मारा गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को यह घोषणा की। ट्रंप ने यह भी बताया कि आखिरी वक्त में दुनिया के सबसे खूंखार आतंकवादी की क्या हालत हो गई थी। ट्रंप ने कहा कि इस्लामिक स्टेट का सरगना और दुनिया का नंबर एक आतंकवादी बगदादी एक कुत्ते और कायर की तरह मारा गया।

उन्होंने व्हाइट हाउस में संवाददाता सम्मेलन के दौरान बगदादी की मौत की पुष्टि करते हुए कहा कि अमेरिका के K9 स्वान दस्ते ने एक तरफ से बंद सुरंग में आईएस सरगना का पीछा किया और जब उसके पास बचने का कोई रास्ता नहीं बचा तो उसने आत्मघाती जैकेट में विस्फोट करके खुद को और तीन को उड़ा लिया। वह अपने जीवन के अंतिम क्षणों में वह रोया, चीखा-चिल्लाया।

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के विशेष अभियान बलों ने रात के समय "साहसिक और जोखिम भरे अभियान'' को शानदार ढंग से अंजाम दिया। उन्होंने कहा, "अमेरिका ने दुनिया के नंबर एक आतंकी सरगना को मार गिराया। अबू बकर अल बगदादी मर चुका है।"

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, "वह आईएसआईएस का संस्थापक और नेता था जो दुनिया का सबसे क्रूर और हिंसक आतंकी संगठन है। अमेरिका कई वर्षों से बगदादी की तलाश कर रहा था। बगदादी को पकड़ना या मारना मेरे प्रशासन की राष्ट्रीय सुरक्षा की सर्वोच्च प्राथमिकता रही।"

पूरे समय रोता और चिल्लाता रहा बगदादी

ट्रंप ने कहा, "वह एक तरफ से बंद सुरंग में भागते हुए गया। इस दौरान वह पूरे समय रोता और चिल्लाता रहा। जिसने दूसरों के मन में डर पैदा किया, उसके जीवन के अंतिम क्षण अमेरिकी सेना के खौफ में बीते।" उन्होंने कहा कि अभियान में एक भी अमेरिकी सैनिक हताहत नहीं हुआ, लेकिन बगदादी के कई समर्थक मारे गए और कई को पकड़ लिया गया।

डीएनए जांच में हुई पुष्टि

उन्होंने कहा कि उसके पास से बेहद संवेदनशील सामग्री और जानकारी मिली है। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने उपराष्ट्रपति माइक पेंस और शीर्ष सैन्य अधिकारियों के साथ व्हाइट हाउस से अभियान का सीधा प्रसारण देखा। उन्होंने कहा कि अमेरिकी कमांडों ने परिसर की दीवार को धमाका करके उड़ा दिया। विस्फोट ने बगदादी के शरीर को क्षत-विक्षत कर दिया, लेकिन डीएनए जांच में उसकी पहचान की पुष्टि हो गई।

ट्रंप के लिये बड़ी राजनीतिक जीत

आईएस ने लोगों पर बहुत अत्याचार किये, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोगों को जान गंवानी पड़ी। पिछले पांच वर्षों में, बगदादी के ठिकाने के बारे में बहुत कम जानकारी मिल पाई थी। इस दौरान कई बार उसके मारे जाने की खबरें भी आईँ। बगदादी की मौत को राष्ट्रपति ट्रंप के लिये बड़ी राजनीतिक जीत माना जा रहा है, जो विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से महाभियोग की प्रक्रिया का सामना कर रहे हैं।

ट्रंप ने अभियान में सहयोग देने के लिये रूस, तुर्की, सीरिया, और इराक को धन्यवाद दिया। उन्होंने अभियान में मददगार जानकारी उपलब्ध कराने के लिये सीरियाई कुर्दों को भी धन्यवाद कहा। उन्होंने कहा, "कुर्दों ने सैन्य भूमिका नहीं निभाई लेकिन उन्होंने हमें जानकारी उपलब्ध कराई।" उन्होंने कहा कि हमने रूस से बात करके उसे बताया कि हम वहां आ रहे हैं...उन्होंने बहुत अच्छी प्रतिक्रिया दी। हमने रूस को यह नहीं बताया कि हमारा अभियान क्या है।

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बगदादी की दो पत्नियां भी मारी गईं

ट्रंप ने कहा, "यह एक खुफिया अभियान था। वहां घुसते ही हल्की गोलीबारी हुई, जिसका तुरंत जवाब दिया गया। अभियान की प्रक्रिया शाम पांच बजे (स्थानीय समयानुसार) शुरू की गई। उन्होंने कहा कि अभियान से पहले उस परिसर से 11 बच्चों समेत कई लोगों को बचाया गया। डीएनए जांच में साबित हो गया है कि वह बगदादी था। हमले में उसकी दो पत्नियां भी मारी गईं।

जंग अभी खत्म नहीं हुई

ट्रंप ने कहा कि बगदादी पर पिछले कुछ सप्ताह से अमेरिका लगातार निगरानी रखे हुए थे। इस बीच, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू ने बगदादी के मारे जाने की अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की घोषणा का रविवार को स्वागत करते हुए इसे एक "महत्वपूर्ण मील का पत्थर" करार दिया। वहीं ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने इसे एक महत्वपूर्ण क्षण करार देते हुए कहा कि आईएस के खिलाफ जंग अभी खत्म नहीं हुई है।

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