चेन्नई पहुंचे चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग, एयरपोर्ट पर हुआ भव्य स्वागत 

चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग - Sakshi Samachar

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को यहां महाबलीपुरम में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ होने वाले दो दिवसीय दूसरे अनौपचारिक भारत-चीन शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए पहुंच गए हैं। मोदी का स्वागत करने के लिए तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित, मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी, उपमुख्यमंत्री ओ. पनीरसेल्वम और अन्य सदस्य पहुंचे थे।

प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट के जरिए कहा, "चेन्नई में उतर चुका हूं। अपनी अद्भुत संस्कृति और आदर-सत्कार के लिए प्रसिद्ध तमिलनाडु की महान भूमि पर आकर मुझे खुशी हो रही है। एक खुशी की बात यह भी है कि तमिलनाडु, राष्ट्रपति शी जिनपिंग की उपस्थिति का गवाह बनेगा। आशा है कि इस अनौपचारिक शिखर सम्मेलन के जरिए भारत और चीन के बीच संबंध और मजबूत होंगे।"

प्रधानमंत्री मोदी हवाई अड्डे से हेलीकॉप्टर के जरिए तिरुविदांदई के लिए उड़ान भरेंगे और वहां से वे ताज फिशरमैन के कोव रिसॉर्ट एंड स्पा जाएंगे।चीनी राष्ट्रपति शी यहां दोपहर में आएंगे। वह आईटीसी ग्रैंड चोला से करीब 4 बजे महाबलीपुरम के लिए रवाना होंगे और वहां मोदी से मुलाकात करेंगे।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 व 12 अक्टूबर को तमिलनाडु के तटीय शहर महाबलीपुरम में आयोजित होने वाले दूसरे द्विपक्षीय अनौपचारिक शिखर सम्मेलन के लिए यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल पर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मेजबानी करेंगे।

इसके सफलतापूर्वक आयोजन के लिए पूरे शहर की किलेबंदी की गई है। शहर की सजावट में लाल रंग का जमकर इस्तेमाल किया गया है। इसकी वजह यह है कि चीन का राष्ट्रीय ध्वज लाल रंग का है।

शहर के पास तटरक्षक जहाज ने लंगर डाल दिया है। तमिलनाडु के विभिन्न हिस्सों से आए 5000 से अधिक पुलिसकर्मियों तैनाती की गई है। सुरक्षा के मद्देनजर दर्जनों अस्थायी पुलिस चौकियां बनाई गई हैं। शहर में 800 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं जिसके जरिये सड़कों और अन्य रास्तों की 24 घंटे निगरानी की जा रही है।

मछुआरों को समुद्र से दूर रहने को कहा गया है। सादे कपड़ों में पुलिस के जवान निगरानी कर रहे हैं। एसपीजी और बम निरोधक दस्ते के जवान भी स्मारक सहित विभिन्न इलाकों की निगरानी कर रहे हैं। दो दर्जन के करीब खोजी श्वान तैनात किए गए हैं।

शहर की सजावट में लाल रंग का असर

शहर को कई जगह रंगोली से सजाया गया है। सजावट में लाल रंग का प्रमुखता से इस्तेमाल किया गया है। स्मारकों और अन्य स्थानों की सफाई और सौंदर्यीकरण के काम पूरा हो चुका है। पूरे तटीय शहर को लगभग 100 सजावटी रोशनी से सजाया गया है। शहर के प्रवेश स्थल पर विशेष स्वागत मेहराब बनाया गया है। मोदी-जिनपिंग के कटआउट पूरे शहर में लगाए गए हैं। कई जगह चीनी के साथ हिंदी और तमिल में स्वागत संदेश लिखे हैं।

इन मुद्दों पर होगी बात

तमिलनाडु के महाबलिपुरम में अनौपचारिक शिखर सम्मेलन के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सीमा पर शांति बनाए रखने के साथ ही अतिरिक्त विश्वास बनाने के उपायों (सीबीएम) पर जोर देंगे। यह जानकारी सूत्रों के हवाले से मिली है।

मई में मोदी के दोबारा चुने जाने के बाद दोनों नेताओं के बीच यह तीसरी बैठक होगी। इससे पहले दोनों नेताओं ने बिश्केक में हुए शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन शिखर सम्मेलन से इतर बैठक की थी। इसके अलावा ओसाका में हुए जी-20 शिखर सम्मेलन में भी दोनों की मुलाकात हुई थी।

दोनों पक्षों के बीच की तत्परता जाहिर करते हुए सूत्रों ने कहा कि यह पिछले साल की वुहान अनौपचारिक बैठक के बाद उनकी छठी मुलाकात होगी। सीमा पर शांति बनाए रखना दोनों नेताओं की प्राथमिकता होगी क्योंकि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर दोनों ही देशों की कोई सहमत धारणा नहीं बन सकी है। इसी कारण लद्दाख व डोकलाम क्षेत्र में दोनों देशों के सैनिकों के बीच झड़पें हो चुकी हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए दोनों नेताओं द्वारा अतिरिक्त सीबीएम पर निर्णय लिया जा सकता है।

सूत्रों ने कहा कि मोदी और शी यह भी तय कर सकते हैं कि सीमा पर विशेष प्रतिनिधि वार्ता का अगला दौर कब शुरू हो सकता है।

सूत्रों ने कहा कि दोनों नेता भारत-चीन विकास भागीदारी को और अधिक बढ़ाने, व्यापार, द्विपक्षीय, क्षेत्रीय व वैश्विक महत्व के मुद्दों पर भी विचार-विमर्श करेंगे।

वार्ता में भारतीय पक्ष से विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल भी शामिल होंगे, जबकि चीनी पक्ष से चीनी विदेश मंत्री वांग यी मौजूद रहेंगे।

सूत्रों ने कहा कि जयशंकर और डोभाल अपने समकक्षों से पहले भी मिल चुके हैं और महाबलिपुरम में भी उनके द्वारा अपने समकक्षों के साथ अलग-अलग बैठक करने की संभावना है।

सूत्रों ने कहा, "राजनीतिक संबंध अच्छे हुए हैं। दोनों पक्षों के विदेश मंत्रियों की बैठक हो चुकी है। रक्षा मंत्रालयों और गृह मंत्रालयों के बीच बातचीत हुई है। दोनों पक्षों के बीच बेहतर वार्ता हुई है।"

बैठक के दौरान मोदी और शी दिसंबर में होने वाले संयुक्त आतंकवाद-रोधी सहयोग अभ्यास पर भी चर्चा करेंगे।

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