नई दिल्ली : अगर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा बार-बार भारत-पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध होने की भविष्यवाणी सच साबित हो जाती है तो पांच करोड़ से 12.5 करोड़ लोगों की मौत एक सप्ताह के अंदर ही हो जाएगी। नए शोध के अनुसार, यह संख्या द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान छह साल में मारे गए कुल लोगों से भी ज्यादा होगी।

आज भारत और पाकिस्तान के पास लगभग 150-150 परमाणु हथियार हैं और 2025 तक यह संख्या 200 से भी ज्यादा होगी। अमेरिका स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ कोलोराडो बोल्डर एंड रटगर्स के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए शोध में पता लगाया गया है कि भविष्य के युद्ध से दुनियाभर में कितनी तबाही मच सकती है।

नरेंद्र मोदी और इमरान खान (डिजाइन फोटो)
नरेंद्र मोदी और इमरान खान (डिजाइन फोटो)

साइंस एडवांस जर्नल में प्रकाशित शोध रिपोर्ट लेखन की अगुआई करने वाले सीयू बोल्डर्स के ब्रायन टून ने कहा, "यह काल्पनिक तस्वीर बहुत विकट है। इस स्तर पर युद्ध से सिर्फ स्थानीय स्तर पर ही लाखों लोगों की मौत नहीं होगी।"

शोधकर्ताओं ने कहा, "उम्मीद है कि भारत और पाकिस्तान इस शोध रिपोर्ट पर ध्यान देंगे। लेकिन आम तौर पर हमें चिंता है कि अमेरिकियों को परमाणु युद्ध के परिणामों की जानकारी नहीं है।" इससे सूचा पृथ्वी ग्रह अप्रत्याशित ठंड में जकड़ सकता है, और संभव है कि इतना कम तापमान अंतिम हिम युग के बाद से ना दर्ज हुआ हो।

लेबोरेटरी ऑफ एटमोस्फेरिक एंड स्पेस फिजिक्स में एक प्रोफेसर टून ने कहा, "'भारत-पाकिस्तान युद्ध से दुनिया में औसत मृत्यु दर दोगुनी हो सकती है।" उन्होंने कहा, "यह ऐसा युद्ध हो सकता है, जिसका अभी तक कोई उदाहरण नहीं मिला हो।"

इसे भी पढ़े :

अंग्रेजों के जमाने की दूसरे विश्व युद्ध की 10 बंदूकें बरामद, मार-303 के रूप में हुई पहचान

UNGA में PM मोदी बोले-भारत ने दुनिया को ‘युद्ध’ नहीं, ‘बुद्ध’ दिया

टून मानते हैं कि ऐसे हथियार भी बहुत बड़ा खतरा हैं, जिन्हें भारत और पाकिस्तान के बीच मौजूदा परिदृश्य में कम आंका जा रहा है। टून ने कहा, "वे अपने हथियार तेजी से बना रहे हैं।" उन्होंने कहा, "वहां बड़ी आबादी रहती है, जिस पर इन हथियारों की वजह से बड़ा खतरा मंडरा रहा है, और जब उनके बीच कश्मीर की अनसुलझी समस्या है।"