क्या आपको विश्वास होगा कि कुत्ते के चाटने भर से किसी महिला की जान पर बन आई, उसके हाथ-पैर काटने पड़े। कुत्तों का काटना ही नहीं चाटना भी हो सकता है खतरनाक।

जी हां, एक महिला को महंगा पड़ा उसके अपने पाले हुए कुत्ते का चाटना, इसकी कीमत उसे अपने दोनों हाथ और पैर कटवाकर चुकानी पड़ी। कुत्ते के चाटने भर से ऐसा भी हो सकता है कोई सोच भी नहीं सकता।

इस बारे में विस्तार से जानने पर पता चलता है कि अमेरिका के ओहियो में रहनेवाली मेरी अपने पति के साथ हॉलीडे एंजॉय करने केरेबियन द्वीप के टूर पर गई थी। वहां वे एक होटल के कमरे में ठहरे। वहां मेरी को यूं ही छोटी सी चोट लग गई। तो उसने तुरंत उसका फर्स्ट एड भी करवा लिया।

वहां दोनों पति-पत्नी ने काफी एंजॉय किया और फिर टूर के बाद लौटकर घर आए। घर आते ही मेरी का प्यारा पाला हुआ कुत्ता टेलर उसके पास आकर प्यार जताने लगा। इतने दिनों बाद उसने मेरी को देखा था तो वह अपना प्यार जताने के लिए उसे चाटने लगा।

मेरी ने भी उसके साथ समय बिताया। उसके कुछ दिनों बाद मेरी को बुखार आ गया। सारा शरीर मानो तपने लगा। सांस लेना भी उसके लिए मुश्किल हो गया। हाथ, पैर नीले पड़ने लगे और सारे शरीर में फोड़े हो गए।

मेरी के पति ने तुरंत उसे अस्पताल में भर्ती किया। डॉक्टरों को मेरी की हालत देखकर संदेह हुआ क्योंकि मात्र बुखार आने से न ऐसी हालत होती है और न ही शरीर पर फोड़े ही होते हैं।

डॉक्टरों ने मेरी के सभी टेस्ट करवाए। रिपोर्ट देखकर कहा कि मेरी को इन्फेक्शन हो गया है, किडनी भी फेल हो गई है। डॉक्टर ने कहा कि यह सब कुत्ते के चाटने से यानी घाव की जगह पर कुत्ते के चाटने से हुआ है।

कुत्ते के चाटने से घाव के माध्यम से कैपोनोसाइटोफेगा कैनीमोरस नामक एक जीवाणु मेरी के शरीर में पहुंच गया। उसके बाद वह मेरी के पूरे शरीर में फैल गया। यह सब उसीका नतीजा है।

डॉक्टरों ने मेरी के पति को कहा कि यदि संक्रमित अंगों को नहीं हटाया जाता है, तो जीवन को खतरा भी हो सकता है।

तब मेरी के पति ने कहा कि उसका जीना जरूरी है इसके लिए उसने डॉक्टरों को सर्जरी की अनुमति दे दी। इसके बाद मेरी की सर्जरी की गई और इसमें उसके दोनों हाथ, दोनों पैर काट दिये गए।

मेरी का इलाज करने वाले अल्ट्रॉन हॉस्पिटल (संक्रामक रोग प्रभाग) के चिकित्सा निदेशक डॉ मार्गरेट कोबे, का कहना है कि "कुत्तों की लार में कैनमोर्फ़स बैक्टीरिया होता है जो बेहद खतरनाक हैं।

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खासकर मनुष्य के घाव पर जब कुत्ते की लार लगती है तो यह बैक्टीरीया घाव के साथ ही शरीर में प्रवेश कर जाता है। शरीर में जाकर यह बैक्टीरिया बहुत जल्दी बढ़ता है, अंदर से शरीर में इन्फेक्शन फैलाकर खराब कर देता है।

इसीलिए जब भी आप कुत्तों के पास जाएं, उन्हें छुएं, तभी तुरंत अपने हाथ साबुन से धो लें। साथ ही जब आपको कोई घाव हो जाए तो ध्यान दें कि उस घाव तक कुत्ते की लार न पहुंचे वरना आपके साथ भी वही हो सकता है जो मेरी के साथ हुआ।

हाथ और पैर कट जाने के बाद मेरी अब सिर्फ एक पलंग पर ही लेटने को मजबूर हो गई है। इसके पहले वह हंसती-खेलती रहती थी पर अब सब कुछ बदल गया है उसके जीवन में। इसीलिए कुत्तों से रहें सावधान।