ओसाका : जी 20 शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन उम्मीद जताई जा रही है कि जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्राध्यक्षों की बैठक होगी, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी 20 शिखर सम्मेलन के पहले दिन अमेरिका और जापान के साथ त्रिपक्षी वार्ता की। जापान के ओसाका में G-20 शिखर सम्मेलन चल रहा है जिसका आज दूसरा और आखिरी दिन है।

भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय वार्ता में पीएम मोदी और ट्रंप की मुलाकात हुई। इस दौरान ट्रंप ने मोदी को जीत की बधाई दी और साथ काम करने की इच्छा जताई। इसके बाद ब्रिक्स की अनौपचारिक बैठक में पीएम मोदी ने ब्रिक्स नेताओँ के समक्ष आतंकवाद का मुद्दा उठाया और इसे मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया।

इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस-भारत-चीन (आरआईसी) त्रिपक्षीय मंच पर ओसाका में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ मुलाकात के दौरान आतंकवाद से उत्पन्न वैश्विक चुनौतियों पर प्रकाश डाला और अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन की बात कही।

प्रधानमंत्री मोदी डोेनाल्ड ट्रंप की मुलाकात के दौरान व्हाइट हाउस की सलाहकार इवांका ट्रंप ने भी पीएम मोदी से मुलाकात की।

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने पीएम मोदी के साथ एक सेल्फी ली और यह तस्वीर ट्वीट की और इसमें लिखा, ‘कितना अच्छा है मोदी’

जी 20 शिखर सम्मेलन में महिला सशक्तिकरण इवेंट में भाग लेते जी 20 देशों के नेता।

G20 Summit के इतर पीएम मोदी ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो के साथ की द्विपक्षीय बैठक की।

जी 20 शिखर सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान के ओसाका में ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो के साथ द्विपक्षीय बैठक की।

इस पहले बीते कल यानी शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समावेशी और सतत वैश्विक विकास के लिए राष्ट्रों के बीच आम सहमति बढ़ाने का आह्वान किया।

इस दौरान , उन्होंने आम लोगों तक प्रौद्योगिकी का लाभ पहुंचाने के अपनी सरकार के प्रयासों पर प्रकाश डाला। प्रधानमंत्री मोदी ने सामाजिक लाभ के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकी और कृत्रिम मेधा (एआई) का इस्तेमाल बढ़ाने पर जोर देते हुए जी 20 शिखर सम्मेलन में "5- आई " सूत्र भी प्रस्तुत किया।

मोदी ने प्रौद्योगिकी नवाचार पर एक अन्य सत्र में कहा , " समावेशी और सतत वैश्विक विकास के लिए हमें देशों के बीच आम सहमति बढ़ानी होगी। "

उन्होंने कहा ," भारत में हमने आम लोगों तक प्रौद्योगिकी के लाभ को पहुंचाने का प्रयास किया है। यह क्रांतिकारी बदलाव है। वित्तीय समावेश के लिए , हमने जन धन योजना के माध्यम से तकनीकी का उपयोग किया और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) से 12 करोड़ लोगों तक पहुंचे।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट में कहा , " एजेंडे को आकार देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी 20 में डिजिटल अर्थव्यवस्था एवं कृत्रिम मेधा विषय पर सामाजिक लाभ के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकी का उपयोग बढ़ाने का विचार पेश किया। ये पांच ' आई ' सूत्र - समावेश , स्वदेशीकरण , नवाचार , आधारभूत संरचना में निवेश और अंतरराष्ट्रीय सहयोग हैं। "