मैसन्स अलफोर्ट (फ्रांस): भारत में LED लाइट्स को खूब बढ़ावा मिल रहा है। जिसमें बिजली की कम खपत और बेहतर रौशनी लोगों को आकर्षित करती है। यहां तक कि सरकार भी परंपरागत और पुरानी लाइटों की जगह LED लाईट को ही बढ़ावा दे रही है। ताजा अध्ययन से पता चला है कि LED लाइट से आपकी आंखों की रौशनी कम हो सकती है।

आपके इलेक्ट्रॉनिक गैजेस्ट्स मसलन मोबाइल, टीवी आदि में भी एलईडी लाइट्स का ही इस्तेमाल होता है। जिसकी नीली रौशनी आपकी आंखों के लिए बेहद खतरनाक है।

फ्रांस की सरकारी स्वास्थ्य निगरानी संस्थान ने इस सप्ताह कहा है कि एलईडी लाइट की 'नीली रोशनी' से आंख के रेटीना को नुकसान हो सकता है और प्राकृतिक रूप से सोने की प्रक्रिया बाधित हो सकती है। फ्रांसीसी एजेंसी खाद्य, पर्यावरण और व्यावसायिक स्वास्थ्य तथा सुरक्षा (एएनएसईएस) ने एक बयान में चेतावनी दी है कि नये तथ्य पहले की चिंताओं की पुष्टि करते हैं कि "एक तीव्र और शक्तिशाली (एलईडी) प्रकाश 'फोटो-टॉक्सिक' होता है और यह रेटिना की कोशिकाओं को कभी सही नहीं होने वाली हानि पहुंचा सकता है तथा दृष्टि की तीक्ष्णता को कम कर सकता है।'' एजेंसी ने 400 पृष्ठों की एक रिपोर्ट में सिफारिश की है कि भले ही ऐसे स्तर घर या कार्यस्थल के वातावरण में शायद ही कभी मिले हों फिर भी तीव्र जोखिम के लिए अधिकतम सीमा को संशोधित किया जाना चाहिए।

यह भी पढ़ें:

नकारात्मक मिजाज खराब सेहत का संकेत, ऐसे रखें ख्याल

हालांकि भारत जैसे देश में LED लाइट्स का क्या विकल्प हो सकता है। इस बारे में अभी तक विचार शुरू नहीं हुआ है। भारत में यहां तक कि गांवों तक LED लाइट्स को तरजीह दी जा रही है। बिजली कम खपत के चलते लोग इस तरह के लाइट को पसंद तो करते है। अब आंखों पर इसके असर की बात को लेकर चर्चा शुरू हुई है। उम्मीद है LED लाइट के खतरों को कम करने पर जल्दी ही काम शुरू होगा।