वेलिंगटन : न्यूजीलैंड में रॉयल कमीशन ऑफ इंक्वायरी ने 15 मार्च को हुए क्राइस्टचर्च में दो मस्जिदों पर हमलों की जांच सोमवार को शुरू कर दी। न्यूजीलैंड सरकार के प्रवक्ता ने इसकी पुष्टि की है।

समाचार एजेंसी एफे ने प्रवक्ता के हवाले से कहा कि प्रधान न्यायाधीश सर विलियम यंग की अध्यक्षता वाला विशेष आयोग तय करेगा कि जांच कैसे की जाएगी। आयोग में चिली में न्यूजीलैंड के राजदूत रह चुके जैकी केन भी शामिल हैं।

उन्होंने कहा, "उनके पास लोगों को उनके समक्ष पेश होने का आदेश देने की शक्ति है। जांच के लिए उनके पास कई सुविधाएं हैं और उनकी शक्तियां काफी व्यापक हैं।"

उन्होंने कहा, "हम चाहते हैं कि वे जांच में कोई कसर ना छोड़ें।"

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आठ अप्रैल को गठित आयोग कथित ऑस्ट्रेलियाई बंदूकधारी ब्रेंटन टैरांट की न्यूजीलैंड आने से पहले और आने के बाद की गतिविधियों की पड़ताल करेगा। साथ ही वह उसकी यात्राओं के बारे में और उसने हथियार कैसे प्राप्त किए यह भी पता लगाएगा।

बिना किसी आपराधिक पृष्ठभूमि वाले टैरांट पर सैन्य हथियारों से लैस होकर दो मस्जिदों में जुमे की नमाज के लिए इकट्ठे हुए लोगों पर गोलीबारी करने और घटना का सोशल मीडिया पर सजीव प्रसारण करने का आरोप है।

आयोग टैरांट की सोशल नेटवर्किं ग गतिविधियोंकी भी जांच करेगा जिसमें उसके राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संपर्को की जांच की जाएगी। टैरांट पर 50 लोगों की हत्या और 39 लोगों की हत्या के प्रयास के मामले दर्ज हैं।

आयोग न्यूजीलैंड की सिक्योरिटी इंटेलीजेंस सर्विस, गवर्नमेंट कम्युनिकेशंस सिक्योरिटी ब्यूरो, पुलिस, सीमा शुल्क, आव्रजन और सरकार के अन्य संबंधित विभागों की भूमिका की भी जांच करेगा।

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आयोग को अपनी रिपोर्ट 10 दिसंबर तक सौंपनी है।

आयोग ने अपनी वेबसाइट पर लिखा है कि उसका मकसद सभी मुस्लिम समुदायों समेत न्यूजीलैंड की जनता को यह सुनिश्चित कराना है कि उनकी सुरक्षा के लिए सरकारी एजेंसियां हर जरूरी कदम उठा रही हैं।