चिबोक : नाइजीरिया के चिबोक में एक स्कूल से आज ही के दिन पांच साल पहले आतंकवादी संगठन बोको हराम द्वारा अगवा की गई 112 बच्चियों का अब भी कुछ पता नहीं है।

गम में डूबी आयशा मूसा माइना अपनी बच्ची के बस्ते को टटोलती हैं तो उनके हाथ में आते हैं कुछ कागज, स्कूल का एक डिप्लोमा और एक छोटी सी तस्वीर। पांच साल से बेटी हाउवा के लौटने या उसके बारे में कुछ भी सुराग लगने का इंतजार कर रही आयशा का चेहरा बच्ची को याद कर और गमगीन हो जाता है। वे कहती हैं कि इस अपहरण ने पूरे परिवार को गम में डुबो दिया है। ऐसा लगता है कि पूरा परिवार ही अगवा हो गया है।

चिबोक में 14 अप्रैल 2014 को बंदूकधारियों ने लड़कियों के बोर्डिंग स्कूल से 276 बच्चियों को अगवा कर लिया था। इनकी उम्र 12 से 17 साल के बीच थी। इन बच्चियों में से 57 बच्चियों ने ट्रक से कूद कर किसी तरह अपनी जान बचा ली थी।

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इस खबर ने पूरे विश्व को सकते में डाल में दिया था और राष्ट्रपति मोहम्मदु बुहारी के लिए यह चुनाव का अहम मुद्दा बन गया था। बोको हराम को हराने और लड़कियों को सुरक्षित वापस लाने के वादे पर उन्हें चुनावों में एक साल बाद जीत मिली थी। बाद में बोको हराम के साथ बातचीत के बाद 107 बच्चियां लौट आईं थी। इन्हें या तो कैदियों के साथ अदला-बदली के तहत लाया गया था अथवा इन्हें सेना ने ढूंढ़ निकाला था।

हाउवा उन 112 लड़कियों में हैं जिनका कोई पता नहीं चला है। परिवार को यह भी नहीं पता कि उनकी बच्ची जिंदा भी है या नाइजीरियाई सेना के हमले में मारी गई है। हालांकि बच्ची के पिता को उम्मीद है कि उनकी बेटी लौट आएगी। चिबोक अपहरण के चार वर्ष बीतने पर पिछले साल संयुक्त राष्ट्र बाल एजेंसी ने कहा था कि 2013 से जिहादियों ने 1,000 से अधिक अन्य बच्चों को अगवा किया है।