कराचीः दो नाबालिग हिन्दू लड़कियों के कथित अपहरण, जबरन धर्मांतरण और विवाह पर मचे हंगामे के बीच, पाकिस्तान के सिंध प्रांत में एक और नाबालिग हिन्दू लड़की के अपहरण का मामला प्रकाश में आया है।

सिंध सूचना विभाग द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री हरिराम किशोरी लाल ने 16 साल की हिन्दू लड़की के अपहरण के संबंध में सोशल मीडिया पर चल रहे एक समाचार पर संज्ञान लिया है। कहा जा रहा है कि मेघवार समुदाय की यह लड़की बादिन जिले के तांदो बाघो की रहने वाली है।

पीड़ित के पिता ने संदिग्धों के खिलाफ मामला दर्ज कराने के लिए बादिन के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सरदार हसन नियाजी से अनुरोध किया है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि लड़की का अपहरण कब हुआ है।

किशोरी लाल ने अधिकारियों को अपहरण के संबंध में प्राथमिकी दर्ज करने तथा लड़की के परिवार को सुरक्षा देने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि सिंध में बाल विवाह निषेध कानून के तहत नाबालिग लड़कियों के विवाह पर पाबंदी है। उन्होंने कहा कि 18 साल से कम उम्र की लड़की से शादी करना आपराधिक कृत्य है।

लाल ने कहा कि कानून का सिंध में कडाई से पालन किया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि उनकी सरकार नाबालिग हिन्दू लड़कियों की सुरक्षा के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सिंध सरकार सिंध अल्पसंख्यक संरक्षण आयोग बनाने की तैयारी में है और इसके मसौदे को मुख्यमंत्री ने दो दिन पहले मंजूरी दी है।

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अपहरण का यह ताजा मामला ऐसे समय आया है जब सिंध के घोटकी जिले में दो नाबालिग हिन्दू लड़कियों के अपहरण, जबरन धर्मांतरण और विवाह को लेकर देशभर में आक्रोश का माहौल है। दो लड़कियों रवीना (13) और रीना (15) का होली के दिन शाम को ‘‘प्रभावशाली लोगों'' के समूह ने कथित रूप से अपहरण कर लिया था।

अपहरण के बाद एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें एक काजी को दो लड़कियों का निकाह कराते हुए दिखाया गया था। इस घटना को लेकर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और पाकिस्तान के सूचना मंत्री फवद चौधरी के बीच वाकयुद्ध हुआ था। सुषमा ने रविवार को इस मामले में पाकिस्तान स्थित भारतीय राजदूत से जानकारी मांगी थी।