रूस में दो पोतों में लगी आग से 10 मरे, मरने वालों में भारतीय भी शामिल, संपर्क में मंत्रालय

घटनास्थल की तस्वीर। - Sakshi Samachar

मास्को : रूस और क्रीमिया को अलग करने वाले केर्च जलडमरूमध्य के पास दो पोतों में आग लगने की घटना में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई। दोनों पोतों में भारतीय क्रू सदस्य सवार थे। आपात अधिकारियों से यह जानकारी मिली।

समाचार एजेंसी एफे की रिपोर्ट के अनुसार, "प्राथमिक सूचना बताती है कि सोमवार रात दोनों पोत कैंडी और मेस्ट्रो में तेल स्थानांतरित करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले ईंधन पंप के असफल होने की वजह से आग लगी। यह प्रक्रिया सुरक्षा नियमों को ताक पर रखकर की जा रही थी।"

रूस की तास समचार एजेंसी के अनुसार, कैंडी में चालक दल के 17 सदस्य थे, जिनमें आठ भारतीय व नौ तुर्की के नागरिक थे, जबकि मेस्ट्रो में सात भारतीय, सात तुर्की और लीबिया का एक प्रशिक्षु सवार था।

समुद्री व नदी यातायात के लिए रूसी फेडरल एजेंसी के प्रवक्ता ने मंगलवार को समाचार एजेंसी तास को बताया कि अबतक 12 लोगों को बचाया जा चुका है और अब अन्य किसी के भी बचने की संभावना नहीं है।

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प्रवक्ता ने कहा, "सुबह छह बजे, अभियान की स्थिति को बचाव से तलाश में वर्गीकृत किया गया क्योंकि किसी के भी बचने की उम्मीद नहीं है।"

उन्होंने कहा, "पोत में आग लगातार भड़क रही है। इसे तबतक नहीं बुझाया जा सकता, जबतक पूरी गैस जल नहीं जाएगी।"

उन्होंने कहा, "बचाए गए नाविकों को खराब मौसम की वजह से अभी तक किनारे पर नहीं लाया जा सका है।" घटना में मारे गए लोगों की पहचान अभीतक नहीं हुई है।

आरटी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों पोतों पर तंजानिया का झंडा फहरा रहा था। एक में द्रवीकृत प्राकृतिक गैस थ और दूसरा एक टैंकर था।

क्रीमियाई बंदरगाह के निदेशक ने कहा कि दुर्घटना से समुद्री आवागमन में व्यवधान उत्पन्न नहीं हुआ है और केर्च जलडमरुमध्य के रास्ते पोतों का आना-जाना जारी है।

केर्च जलडमरूमध्य के पास काला सागर में दो मालवाहक जहाजों में लगी भीषण आग में कुछ भारतीयों के प्रभावित होने की खबरों के बाद भारत रूस के साथ संपर्क में बना हुआ है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने मंगलवार को बताया कि बचाव अभियानों की निगरानी कर रही रूसी समुद्री एजेंसी के मुताबिक सोमवार को हुई इस घटना में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई जबकि 12 लोगों को बचा लिया गया तथा नौ अब भी लापता हैं।

रूसी संवाद समिति तास ने खबर दी कि तंजानिया के ध्वज लगे हुए दो मालवाहक जहाजों में चालक दल के कुल 32 लोग मौजूद थे और वे भारत एवं तुर्की से थे। कुमार ने बताया कि घटना में प्रभावित हुए भारतीय नागरिकों के बारे में ज्यादा जानकारी जुटाने और जरूरी सहायता पहुंचाने के लिए रूस में भारतीय दूतावास रूसी एजेंसियों से लगातार संपर्क में बना हुआ है।

उन्होंने बताया, “हमें सूचना मिली है कि 21 जनवरी को केर्च जलडमरूमध्य से गुजरते हुए एक जहाज में विस्फोट होने के बाद दो जहाजों में आग लग गई थी।” तास ने बताया कि प्रारंभिक सूचनाओं के मुताबिक यह आग तब लगी जब एक जहाज से ईंधन निकाल कर दूसरे जहाज में डाला जा रहा था।

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