तेहरान: अमेरिका की ओर से फिर से लगाए गए प्रतिबंधों के बाद ईरान ने हवाई रक्षा अभ्यास किया और राष्ट्रपति हसन रूहानी ने बयान दिया कि देश "युद्ध जैसे हालात'' का सामना कर रहा है।

अमेरिका की ओर से ईरान पर लगाए गए ताजा प्रतिबंधों और रूहानी के इस बयान के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ता दिख रहा है। प्रतिबंधों के कारण ईरान को अमेरिका द्वारा दिए जा रहे वे सभी लाभ बंद हो जाएंगे जो 2015 के परमाणु करार के कारण उसे दुनिया के शक्तिशाली देशों से मिल रहे थे।

हालांकि, वह अपनी तरफ से इस करार का अब भी पालन कर रहा है। इस करार के तहत उसे यूरेनियम का संवर्धन सीमित मात्रा में करना था। रूहानी ने सोमवार को कहा, "आज ईरान अपना तेल बेचने में सक्षम है और वह बेचेगा।'' इस बीच, ईरानी अधिकारियों ने एक साइबर हमले की सूचना दी जिसमें देश के संचार ढांचे को निशाना बनाया गया।

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उन्होंने इस हमले के लिए इजराइल को जिम्मेदार करार दिया। ईरान के सरकारी टीवी पर दिखाया गया कि देश के उत्तरी हिस्से में रक्षा बलों द्वारा हवाई अभ्यास किया जा रहा है। सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों से ड्रोन को मार गिराने का दृश्य भी दिखाया गया। यह अभ्यास मंगलवार को जारी रहेगा।

इस बीच, सरकारी टीवी पर प्रसारित अपने बयान में रूहानी ने सरकारी अधिकारियों से कहा कि ईरान प्रतिबंधों से उबर जाएगा। उन्होंने कहा, "हम युद्ध जैसे हालात में हैं। हम आर्थिक युद्ध जैसे हालात में हैं। हम धौंस दिखाने वाले एक दुश्मन का सामना कर रहे हैं। हमें जीतने के लिए तनकर खड़े रहना होगा।''