माताराम: इंडोनेशिया में बीती शाम भूकंप के तेज झटकों ने लोगों को आतंकित कर दिया। रविवार शाम भारतीय समयानुसार 05.16 बजे भूकंप के तेज झटकों में अभी तक 82 लोगों के मरने और सौ से अधिक लोगों के जख्मी होने की खबर है।

रिक्टर स्केल पर 7 तीव्रता के बाद तत्काल सूनामी का अलर्ट जारी कर दिया गया था। हालांकि ये चेतावनी जल्दी ही रद्द कर दी गई। इंडोनेशिया के द्वीप लोमबोक पर भूकंप के कारण कई ईमारतों को नुकसान पहुंचने की खबर है। भूकंप से पर्यटकों और स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई।

अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के अनुसार इस भूकंप की तीव्रता सात थी और इसका केंद्र लोमबोक के उत्तरी क्षेत्र में जमीन से केवल 10 किलोमीटर नीचे था। सप्ताह भर पहले लोमबोक द्वीप पर आये भूकंप में 12 से अधिक व्यक्तियों की मौत हो गई थी।

माताराम तलाशी और बचाव एजेंसी के एक वरिष्ठ अधिकारी अगुंग प्रामुजा ने एएफपी को बताया कि मृतकों की संख्या बढ़कर 37 हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि भूकंप के बाद जारी की गई सुनामी की चेतावनी को रद्द कर दिया गया है। अधिकारियों ने कहा कि नवीनतम भूकंप में एक संक्षिप्त सुनामी चेतावनी जारी की गई थी।

इससे बाली के देनपासार में भी इमारतों को क्षति पहुंची। इन इमारतों में एक डिपार्टमेंटल स्टोर और हवाई अड्डे टर्मिनल की इमारत शामिल है। मौसम विज्ञान, जलवायु विज्ञान और भूभौतिकी एजेंसी के अधिकारी डी कर्नावती ने कहा कि सुनामी की चेतावनी तब वापस ले ली गई जब सुनामी की लहरें तीन गांवों में मात्र 15 सेंटीमीटर ऊंची दर्ज की गई। लोमबोक के आपदा अधिकारी इवान अस्मारा ने कहा कि लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आये।

भूकंप के बाद इंडोनेशिया में लोगों में दहशत: फोटो सौजन्य AFP
भूकंप के बाद इंडोनेशिया में लोगों में दहशत: फोटो सौजन्य AFP

इंडोनेशिया आपदा शमन एजेंसी के प्रवक्ता सुतोपो पुरवो नुग्रोहो ने बताया कि शहर में क्षतिग्रस्त हुई ज्यादातर इमारतों में घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया गया था। सुरक्षा सम्मेलन के लिए लोमबोक में मौजूद सिंगापुर के गृह मंत्री के शनमुगम ने फेसबुक पर बताया कि कैसे उनके होटल की दसवीं मंजिल का कमरा हिल रहा था।