भारत विरोधी गतिविधि के चलते ब्रिटिश सांसद को वापस भेजा, सरकार ने दी सफाई

ब्रिटिश सांसद डेबी अब्राहम - Sakshi Samachar

नई दिल्ली : ब्रिटिश सांसद डेबी अब्राहम का ई-बिजनेस वीजा इसलिए रद्द कर दिया गया क्योंकि वह भारत विरोधी गतिविधियों में संलिप्त थीं और 14 फरवरी को उन्हें इस बारे में जानकारी दे दी गयी थी।

सरकार के सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। सूत्रों ने कहा कि वीजा या इलेक्ट्रॉनिक यात्रा पत्र प्रदान करना, उसे खारिज या निरस्त करना किसी देश का संप्रभु अधिकार है। अब्राहम को पिछले साल सात अक्टूबर को ई-बिजनेस वीजा जारी किया गया था जो कारोबारी बैठकों में भाग लेने के लिए पांच अक्टूबर, 2020 तक वैध था।

एक सूत्र ने कहा, ‘‘भारत के राष्ट्रीय हितों के खिलाफ गतिविधियों में उनके शामिल होने की वजह से 14 फरवरी, 2020 को उनका ई-बिजनेस वीजा रद्द कर दिया गया। ई-बिजनेस वीजा खारिज होने के बारे में 14 फरवरी को उन्हें सूचित कर दिया गया।''

सूत्रों ने कहा कि अब्राहम के पास सोमवार को यहां आईजीआई हवाईअड्डे पर पहुंचने के वक्त वैध वीजा नहीं था और उन्हें लौटने को कहा गया। सूत्रों ने कहा कि हवाईअड्डे पर ब्रिटिश नागरिकों के लिए ‘आगमन पर वीजा' (वीजा ऑन अराइवल) का कोई प्रावधान नहीं है।

उन्होंने अब्राहम की इस दलील को खारिज कर दिया कि उन्हें ‘आगमन पर वीजा' दिया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार व्यापारिक बैठकों के लिए पहले जारी ई-बिजनेस वीजा का इस्तेमाल दोस्तों और परिजनों से मिलने के लिए नहीं किया जा सकता जैसा कि ब्रिटिश सांसद ने कहा था।

एक सूत्र ने कहा, ‘‘नियमों के मुताबिक इसकी अनुमति नहीं है और अलग से वीजा आवेदन करना होगा।'' कश्मीर पर एक ब्रिटिश संसदीय दल की अध्यक्ष अब्राहम को सोमवार को नयी दिल्ली हवाईअड्डे पर पहुंचने पर भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गयी। सरकारी अधिकारियों ने कहा था कि उन्हें पहले ही बता दिया गया था कि उनके ई-वीजा को रद्द कर दिया गया है।

लेबर पार्टी की सांसद ने कहा था कि वैध वीजा होने के बावजूद उन्हें यहां हवाईअड्डे पर उतरने के बाद भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गयी। वह उन ब्रिटिश सांसदों के दल में शामिल थीं जिन्होंने पिछले साल अगस्त में जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे वाले अनुच्छेद 370 को हटाये जाने पर चिंता जताते हुए औपचारिक पत्र जारी किये थे।

विपक्षी सांसद ने उस समय ब्रिटेन के विदेश मंत्री डोमिनिक राब को लिखे पत्र में कहा था, ‘‘हम भारत के गृह मंत्री अमित शाह की इस घोषणा से बहुत चिंतित हैं कि जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा प्रदान करने वाला भारतीय संविधान का अनुच्छेद 370 राष्ट्रपति के आदेश से समाप्त कर दिया गया है।''

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