इस्लामाबाद/नई दिल्ली : पाकिस्तान द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विमान को उसके हवाई क्षेत्र से उड़ान भरने की इजाजत नहीं देने पर भारत ने उसे स्थापित परंपरा से विचलित होने के अपने फैसले पर ध्यान देने को कहा।

जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा प्रदान करने वाले अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ जाने के बीच पाकिस्तान ने यह फैसला लिया है।

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने एक वीडियो साक्षात्कार में कहा कि भारत की ओर से आग्रह किया गया था कि 20 सितम्बर को प्रधानमंत्री मोदी के विमान को पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र से होकर जर्मनी की तरफ उड़ान भरने की इजाजत दी जाए, जब मोदी अपने अमेरिकी दौरे पर जाएंगे और 28 सितम्बर को उनकी वापसी यात्रा में भी यह अनुमति दी जाए।

उन्होंने कहा, "कश्मीर और भारत के रुख को ध्यान में रखते हुए और मानवाधिकार का उल्लंघन के मामले को देखते हुए हमने उड़ान भरने की इजाजत नहीं देने का फैसला लिया है। इस फैसले की सूचना भारतीय उच्चायोग को दे दी गई है।"

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इस पर भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने एक बयान में कहा कि पिछले दो सप्ताह में पाकिस्तान द्वारा दो बार वीवीआईपी के विमान की विशेष उड़ान को उसके हवाई क्षेत्र से उड़ान भरने से मना किए जाने पर भारत को खेद है, हालांकि इसकी इजाजत किसी देश द्वारा नियमित तौर पर दी जाती है।

उन्होंने कहा, "पाकिस्तान को स्थापित अंतर्राष्ट्रीय परंपराओं से विचलित होने के अपने फैसले पर ध्यान देना चाहिए। साथ ही, उसे एकतरफा कार्रवाई करने को लेकर झूठा कारण बताने की अपनी पुरानी आदत पर दोबारा विचार करना चाहिए।"

इससे पहले इसी महीने पाकिस्तान ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के यूरोप के आधिकारिक दौरे के दौरान विमान एयर इंडिया वन को अपने हवाई क्षेत्र से उड़ान भरने की इजाजत नहीं दी थी।

भारत ने इससे पहले औपचारिक तौर पर इस्लामाबाद से प्रधानमंत्री मोदी के विमान को पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करने दिए जाने का आग्रह किया था।

सभी वीवीआईपी दौरे के लिए दूसरे देशों को उसके हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल किए जाने को लेकर सूचित करने की आवश्यकता होती है।

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आईसीएओ (अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन) के चैप्टर के अनुसार, युद्ध के समय को छोड़कर किसी अन्य समय कोई देश हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करने से मना नहीं कर सकता है।

प्रधानमंत्री मोदी 21 से 27 सितंबर के दौरान अमेरिकी दौरे पर जाने वाले हैं जहां वह संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करेंगे। साथ ही, वह ह्यूस्टन में प्रवासी कार्यक्रम को भी संबोधित करेंगे जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी शिरकत करेंगे।