बिआरित्ज : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए रविवार को फ्रांस पहुंचे। यहां वह पर्यावरण, जलवायु और डिजिटल बदलाव जैसे ज्वलंत वैश्विक मुद्दों पर बात करेंगे और विश्व नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। मोदी तीन देशों फ्रांस, संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन की यात्रा करने के बाद मनामा से यहां पहुंचे।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक ट्वीट किया, ‘‘प्रधानमंत्री फ्रांस में बिआरित्ज पहुंच गए जहां वह जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। शिखर सम्मेलन के इतर वह वैश्विक नेताओं के साथ अलग से भी द्विपक्षीय बैठक करेंगे।'' जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री पर्यावरण, जलवायु, महासागरों और डिजिटल बदलाव पर सत्रों को संबोधित करेंगे। यह शिखर सम्मेलन फ्रांस के समुद्र किनारे बसे मनोरम दृश्यों वाले शहर बिआरित्ज में हो रहा है। हालांकि, भारत जी-7 समूह का हिस्सा नहीं है लेकिन फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुअल मैक्रों ने मोदी को व्यक्तिगत तौर पर आमंत्रित किया है।

विदेश मंत्रालय ने कहा था कि यह न्यौता दोनों नेताओं के बीच ‘‘निजी तालमेल को दर्शाता'' है और साथ ही ‘‘प्रमुख आर्थिक शक्ति के रूप में भारत को स्वीकार करता'' है। ब्रिटेन, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और अमेरिका जी-7 समूह का हिस्सा हैं। जी-7 शिखर सम्मेलन के इतर मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कश्मीर में स्थिति, व्यापार मुद्दों और परस्पर हितों के आपसी विषयों पर चर्चा करने की संभावना है।

इस सप्ताह वाशिंगटन में ट्रंप ने कहा था कि जब वह सप्ताहांत जी-7 शिखर सम्मेलन में मोदी से मुलाकात करेंगे तो कश्मीर में स्थिति और भारत-पाक तनाव कम करने पर उनसे चर्चा करेंगे। जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा हटाने और उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के भारत के फैसले के बाद उसके और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है। भारत के इस फैसले पर पाकिस्तान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।