बीजिंग : चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग व भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन से इतर होने वाली द्विपक्षीय वार्ता महत्वपूर्ण होगी, जहां वे अमेरिका के दोनों देशों के साथ व्यापार में बढ़ते तनाव पर चर्चा करेंगे।

चीन के उप विदेश मंत्री ने सोमवार को यह जानकारी दी।

अमेरिका ने मई में चीन के साथ व्यापार विवाद को अगले स्तर पर ले जाते हुए चीन की 200 अरब डॉलर की वस्तुओं पर टैरिफ लगा दिए और इस महीने की शुरुआत में भारत के तरजीही दर्जे को खत्म कर दिया।

चीन के उप विदेश मंत्री झांग हानहुई ने कहा कि व्यापार को लेकर अमेरिका द्वारा देशों को 'धमकाना' रोकना जरूरी हो गया है।

यह पूछे जाने पर कि क्या शी व मोदी अमेरिका की आक्रामक व्यापार नीति पर चर्चा करेंगे, इसका जवाब देते हुए झांग ने कहा, "आपने अपने प्रश्न में उल्लेख किया है कि क्या दोनों नेता चीन और अमेरिका के बीच व्यापार गतिरोध और अमेरिका और भारत के बीच व्यापार गतिरोध के बारे में बात करेंगे।

इसे भी पढ़ें :

अमेरिका-चीन में हो सकता है ऐतिहासिक करार, बातचीत के लिए थोड़ा इंतजार

इस तरह की चीजें होना आश्चर्यजनक नहीं है। मेरा मानना है कि यह एक महत्वपूर्ण विषय हो सकता है।"किर्गिस्तान के बिश्केक में 12 से 14 जुलाई के बीच होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन से इतर मोदी व शी एक-दूसरे से मुलाकात करेंगे।

एससीओ के आठ सदस्य देश हैं।यह पहली बार है, जब मोदी अपने बीते महीने आम चुनावों में दूसरे कार्यकाल के लिए चुने जाने के बाद चीन के राष्ट्रपति शी से मुलाकात करेंगे।