NCP-कांग्रेस विलय की चर्चा जोरों पर, शरद मान गए तो कांग्रेस को होगा यह फायदा

राहुल गांधी और शरद पवार  - Sakshi Samachar

नई दिल्ली: चुनाव 2019 में करारी हार के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी चैन नहीं ले पा रहे हैं। उन्होंने आज एनसीपी चीफ शरद पवार से भेंट की जिसके बाद से कयासों का बाजार गर्म है। लोगों ने तो यहां तक कहा कि कांग्रेस पार्टी अब एनसीपी को खुद में विलय चाहती है। इसको लेकर राहुल गांधी की ओर से पहल की गई है। जिसके लिए एनसीपी प्रमुख शरद पवार की सहमति जरूरी है। हालांकि इस बारे में शरद पवार ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। इससे पहले जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी से भी दिल्ली में आज राहुल ने मुलाकात की है।

एनसीपी और कांग्रेस पार्टी दोनों ही दलों के नेताओं की आपसी विलय की राय है। हालांकि इस बारे में आलाकमान की पहल से पहले कोई नेता मुंह खोलने को तैयार नहीं है। माना जाता है कि भीतरखाने ही इस तरह का प्रस्ताव तैयार किया गया है। जिसके लिए राहुल गांधी ने पहल भी शुरू कर दी है।

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अगर कांग्रेस के साथ एनसीपी के पांच सांसदों का विलय होता है तो कांग्रेस की संख्या बढ़कर 57 हो जाएगी। इसके बाद ही कांग्रेस पार्टी को विपक्ष के नेता की हैसियत मिल सकती है। राहुल की रणनीति है कि मान्यता प्राप्त करने के बाद ही वो एक बार फिर से मोदी सरकार से लोहा ले सकेंगे।

बता दें कि शरद पवार पुराने कांग्रेसी रहे हैं। कई मौकों पर अनदेखी की शिकायत के बाद पवार ने कांग्रेस से नाता तोड़कर अलग पार्टी बना ली थी। एक बार फिर कांग्रेस में घर वापसी को लेकर शरद पवार कुछ शर्तें रख सकते हैं। एनसीपी ने साफ कर दिया है कि वो किसी भी हालत में एनडीए में शामिल नहीं होगी। ऐसे में एनसीपी के लिए कांग्रेस पार्टी ही एक पुख्ता विकल्प हो सकता है।

लोकसभा चुनाव में खराब नतीजों से राहुल गांधी परेशान बताए जाते हैं। यहां तक कि उन्होंने अध्यक्ष के तौर पर इस्तीफे की भी पेशकश कर दी है। काफी मान मनौव्वल के बाद राहुल ने कुछ दिनों की मोहलत के लिए कांग्रेस अध्यक्ष पद पर रहने की बात मान ली है।

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