जकार्ता : बोर्नियो के जंगलों से लेकर जकार्ता की बस्तियों तक करीब 17,000 द्वीपों में इंडोनेशिया के लाखों मतदाताओं ने राष्ट्रपति पद और संसदीय चुनावों के लिए बुधवार को मतदान किया। इसे दुनिया में सबसे बड़ा मतदान माना जा रहा है।

मुस्लिम बहुल इंडोनेशिया में 19 करोड़ से अधिक मतदाताओं को ढांचागत परियोजनाओं के लिए सराहे जा रहे निवर्तमान राष्ट्रपति जोको विडोडो और पूर्व सेना प्रमुख प्राबोवो सुबिआंतो के बीच चयन करना है।

मतदान सुमात्रा में आधिकारिक रूप से अपराह्न एक बजे (अंतरराष्ट्रीय समयानुसार छह बजे) समाप्त हुआ, लेकिन देश में करीब आठ लाख मतदान केंद्र मतदान में देरी होने के कारण और लंबी कतारों के कारण इसके बाद भी खुले रहे। हालांकि तथाकथित ‘‘शीघ्र गणना'' की श्रृंखला के बाद विजेता के संबंध में विश्वसनीय संकेत बुधवार को बाद में मिलने की उम्मीद है, लेकिन आधिकारिक परिणाम मई तक मिलने की उम्मीद नहीं है।

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देश में पहली बार राष्ट्रपति पद, संसदीय सीटों और स्थानीय पदों के लिए एक साथ चुनाव हो रहे हैं। जनरल इलेक्शन कमीशन के अनुसार, राष्ट्रपति विडोडो ने मुस्लिम धर्मगुरु मारूफ अमीन को रनिंग मेट बनाया है जबकि प्राबोवो ने पूर्व व्यवसायी व जकार्ता के डिप्टी गवर्नर सैंडिआगा सलाउद्दीन उनो के साथ जोड़ी बनाई है।

विडोडो ने आर्थिक स्थिरता और व्यापार के अनुकूल माहौल के महत्व को चुनावी मुद्दा बनाया है, जबकि प्राबोवो ने लोगों की खुशहाली के लिए संरक्षणवाद के नजरिए को महत्व दिया है।