बेंगलुरु: कर्नाटक में कांग्रेस और जनता दल सेक्युलर के बीच लोकसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे का फॉर्मूला तय हो गया है। राज्य की 28 सीटों में कांग्रेस बड़े भाई के तौर पर 20 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। जबकि क्षेत्रीय दल होने के नाते जेडीएस के खाते में महज 8 लोकसभा सीटें ही आई हैं।

जेडीएस और कांग्रेस पार्टी की गठबंधन की सरकार कर्नाटक में चल रही है। जेडीएस के एच डी कुमारस्वामी कांग्रेस या फिर राहुल गांधी की कथित मेहरबानियों की बदौलत मुख्यमंत्री के पद पर काबिज हैं। कुमारस्वामी ने इससे पहले भी कई बयान दिया है जिससे लगता है कि वे कांग्रेस के दबाव में हैं। सीट शेयरिंग फार्मूले में भी जेडीएस की कमजोरी खुल कर सामने आ रही है। फार्मूले के एलान के बाद उम्मीद की जा रही है कि जेडीएक के बड़े नेता इसके विरोध में मुंह खोल सकते हैं।

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जनता दल सेक्यूलर राज्य की शिमोगा, तुमकुर, हसन, मंड्या और बेंगलुरु उत्तर सीटों पर चुनाव लड़ेगी। सीट शेयरिंग की अहम घोषणा आज की गई। जबकि इससे पहले पार्टी संरक्षक एचडी देवेगौड़ा ने बयान दिया था कि जेडी (एस) और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे का फैसला 15 तारीख तक होगा।

ये जरूर है कि सीट शेयरिंग को लेकर हाल के दिनों में जेडीएस और कांग्रेस के बीच कई बैठकें हुई हैं। जेडीएस ने इससे पहले 12 सीटों की जिद की थी, जिसपर पार्टी ने समझौता करते हुए महज आठ सीटों पर संतोष किया है।