लाहौर : पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की कुर्सी खतरे में है। लाहौर हाईकोर्ट इमरान खान को अयोग्य करार देने की याचिका पर सोमवार को सुनवाई करेगा। याचिका में उन पर "ईमानदार और धर्मपरायण" नहीं होने तथा 2018 के चुनाव के लिए अपने नामांकन पत्र में एक बेटी का पिता होने की बात छिपाने का आरोप लगाया गया है।

समाचार पत्र डॉन के मुताबिक, हाईकोर्ट ने सुनवाई के लिये शनिवार को याचिका स्वीकार कर ली। याचिका के मुताबिक इमरान ने संविधान के अनुच्छेद 62 तथा 63 के प्रावधानों का उल्लंघन किया है जो संसद सदस्य के लिए "सादिक और अमीन" (ईमानदार और धर्मपरायण) होने की पूर्वशर्त रखता है। याचिका में दावा किया गया है कि खान ने 2018 के आम चुनावों के लिए अपने नामांकन पत्र में टायरियन जेड खान व्हाइट के कथित पिता होने की बात छिपाई थी।

डॉन न्यूज के अनुसार, याचिका में दावा किया गया है कि इमरान खान ने 2018 के चुनाव के लिए दाखिल नामांकन दस्तावेजों में अपनी पूर्व पत्नी की एक बेटी से अपना रिश्ता छिपाया था। इमरान की पूर्व पत्नी अना लुइसा (सीता) व्हाइट की बेटी टिरियन व्हाइट हैं। कई बार इमरान पर यह आरोप लगता रहा है कि टिरियन इमरान की बेटी हैं, हालांकि उन्होंने इस दावे को खारिज कर दिया है।

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याचिका में लिखा है, "इमरान ने नामांकन पत्रों में व्हाइट को अपने आश्रितों में शामिल नहीं किया और इस तरह उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 62 और 63 का पालन नहीं किया है।"

इसी वर्ष 21 जनवरी को, इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने ऐसी ही एक याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि यह उनका निजी मामला है, इसलिए इस पर विचार नहीं किया जा सकता।