इस्लामाबाद : पुलवामा आतंकी हमले के बाद चौतरफा दबाव झेल रहे पाकिस्तान ने गुरुवार को हाफिज सईद के जमात-उद-दावा (जेयूडी) और खैराती इकाई फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन पर एक बार फिर प्रतिबंध लगा दिया है। सईद ने अपने संगठन लश्कर-ए-तैयबा पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद इन संगठनों को शुरू किया था।

मीडिया रिपोर्टों में बताया गया कि यह फैसला प्रधानमंत्री इमरान खान की अगुवाई में राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक में लिया गया। इस बैठक में पुलवामा आत्मघाती हमले के बाद की भू-रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा के माहौल पर चर्चा की गई। दोनों संगठनों पर पिछले साल फरवरी में भी रोक लगाया गया था, लेकिन रोक की अवधि खत्म हो गई थी। इसके बाद एक बार फिर इन्हें प्रतिबंधित कर दिया गया है।

आतंकी हाफिज सईद (फाइल फोटो)
आतंकी हाफिज सईद (फाइल फोटो)

पाकिस्तान ने 2008 मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के नेतृत्व वाले जमात-उद-दावा और उसकी परमार्थ संस्था फलह-ए-इंसानियत फाउंडेशन पर प्रतिबंध लगा दिया है। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में हुए आतंकवादी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवानों के शहीद होने के बाद पाकिस्तान पर कार्रवाई करने को लेकर लगातार अंतरराष्ट्रीय दबाव बन रहा था।

फाइल फोटो
फाइल फोटो

पाकिस्तानी गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री इमरान खान की अध्यक्षता में उनके कार्यालय में गुरुवार को हुई राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक में इन संगठनों पर प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया गया। प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ‘‘गैरकानूनी करार दिए गए संगठनों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने का फैसला बैठक में लिया गया।''

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उन्होंने कहा, ‘‘यह तय किया गया कि गृह मंत्रालय द्वारा जमात-उद-दावा और फलह-ए-इंसानियत फाउंडेशन को गैरकानूनी घोषित किया जाए।'' इससे पहले गृह मंत्रालय ने दोनों संगठनों को निगरानी सूची में रखा था। अधिकारियों के अनुसार, जेयूडी के नेटवर्क में 300 मदरसे और स्कूल, अस्पताल, एक प्रकाशन और एम्बुलेंस सेवा शामिल हैं। दोनों समूहों के पास करीब 50,000 स्वयंसेवक और सैकड़ों की संख्या में वेतनभोगी कर्मचारी हैं।