हैदराबाद : शहर में गुरुवार को यानी आज लकड़ी का पुल का उद्घाटन होगा। लकड़ी का पुल चौराहे पर खूबसूरत लकड़ी के पुल का नमूना बनाया गया है जो सबके आकर्षण का केंद्र बन रहा है।

इसका आज उद्घाटन महापौर राममोहन करेंगे। इस अवसर पर उनके साथ कई गणमान्य लोग, मंत्रीगण व विधायक भी रहेंगे।

चलिये अब इस लकड़ी के पुल की ऐतिहासिक कथा व महत्व जानते हैं। हम जानते ही हैं कि लकड़ी का पुल सेंटर आफ द सिटी है और हर कोई कभी न कभी यहां से गुजरता ही है।

माना जाता है कि इब्राहिम कुतुब शा के समय उनकी बेटी हर दिन नौबत पहाड़ पर रहने वाले अपने गुरु के पास जाती थी और इसके लिए उसे रास्ते की एक नहर को पार करना होता था।

तब इब्राहिम शा ने लकड़ियों के एक पुल का निर्माण करवाया ताकि बेटी को परेशानी न हो। ये लड़की की सुविधा के लिए बनाया गया था इसलिए इसे लड़की का पुल कहा जाता था। बाद में जैसे-जैसे समय बीता यह लकड़ी के पुल के तौर पर जाना जाने लगा।

1761 मई के महीने में लकड़ियों का पुल बनाया गया था। 250 साल से ज्यादा इस पुल को बने हो गए वहीं निजाम के समय ही इस पुल के नीचे से रेल्वे लाइन बनाई गई थी।

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खैरताबाद के निवासियों का कहना है कि वही लकड़ी का पुल कई साल तक चला और उसको पार करके ही लोग उस तरफ जाकर जरूरी चीजें लाया-ले जाया करते थे।

वह पुल लड़की के लिए बनाया गया था और उसे इसीलिए लड़की का पुल कहते थे। वहीं अब भी कुछ लोग उसे लड़की का पुल कहते नजर आते हैं।

हाल ही में ग्रेटर हैदराबाद में शहर के सौंदर्यीकरण के हिस्से के रूप में लकड़ी के पुल का एक सुंदर नमूना बनाया गया है जो बीते जमाने की याद तो दिलाता ही है साथ ही हैदराबाद की खूबसूरती में भी चार चांद लगा देता है। आज इसी लकड़ी के पुल का उद्घाटन शहर के महापौर करेंगे।