हैदराबाद : अक्सर अपने विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के विधायक और असदुद्दीन ओवैसी के छोटे भाई अकबरुद्दीन ओवैसी एक बार फिर चर्चा में है। इस बार वह चर्चा में अपने बयानों को लेकर नहीं है बल्कि एक बीमारी को लेकर है। आज हम आपको उनकी बीमारी के बारे में विस्तार से बताएंगे।

यह बीमारी इतनी गंभीर है जो उनके लिए प्राणघातक है। उनके शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग खराब हो चुका है। अकबरुद्दीन ने एक चुनाव प्रचार के दौरान ये राज खुद खोला था। कि उनकी किडनियां खराब हो गई हैं। अकबरुद्दीन फिलहाल लंदन में है, और अस्पताल से उन्हें छूट्टी भी मिल गई है।

अकबरुद्दीन के बीमारी का खुलासा तब हुआ जब ईद के मौके पर उनके भाई और हैदराबाद सीट से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने अपने समर्थकों से अपील की, कि उनके छोटे भाई काफी गंभीर रूप से बीमार हैं और वे लोग अकबरुद्दीन ओवैसी के जल्द ठीक होने की दुआ करें।

रीढ़ की हड्डी के पास फंसी है गोली

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अकबरुद्दीन ओवैसी पर 30 अप्रैल 2011 को हैदराबाद के बरक्स इलाके में एक हमला हुआ था। उनके ऊपर गोलियां चलाई गईं और चाकू से भी वार किया गया। अकबरुद्दीन ओवैसी को इस हमले में तीन गोलियां लगीं और वो बुरी तरह घायल हो गए।

डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर उनके शरीर से गोलियां निकालीं, लेकिन एक गोली उनकी रीढ़ की हड्डी के पास फंसी रह गई। यह गोली अभी भी फंसी हुई है। इस गोली की वजह से अकबरुद्दीन ओवैसी के शरीर में आयरन नहीं बन पाता है और उन्हें इलाज के लिए हर साल लंदन जाना होता है।

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अकबरुद्दीन इस वक्त भी अपनी इलाज के लिए लंदन में हैं। बताया जा रहा है कि असदुद्दीन ओवैसी के पेट में तकलीफ होने उल्टियां होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया। वो पिछले डेढ़ महीने से लंदन में हैं और अपना इलाज करवा रहे हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, अकबरुद्दीन ओवैसी को लंदन के अस्पताल से छुट्टी मिल गयी है। और 19 जून को उनके हैदराबाद लौटने की संभावना व्यक्त की गई है।

दोषियों को मिली थी 10 साल की सजा

अकबरुद्दीन ओवैसी पर 2011 में हुए हमले के मामले में 30 जून, 2017 को चार लोगों को 10-10 साल कैद की सजा दी गई थी. इस मामले में हैदराबाद के अवर मेट्रोपॉलिटन जज टी. श्रीनिवास राव ने हसन बिन उमर यफई, अब्दुल्ला बिन युनुस यफई, अवद बिन युनुस यफई और मोहम्मद बिन सालेह वहलान को सजा सुनाई थी।