हैदराबाद : विथुर सेक्स रैकेट केस का आरोपी सुरेश जो 18 सालों से फरार रहा और अंत में केरल कोर्ट में समर्पण किया तो उसे जमानत भी मिल गई। वह फिर से भूमिगत हुआ और अब पांच साल बाद शमशाबाद में पकड़ा गया। यही विथुर सेक्स स्कैंडल का मुख्य आरोपी सुरेश है।

इस सेक्स स्कैंडल ने उस समय केरल में सनसनी पैदा कर दी थी। पुलिस ने सोमवार को इसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। केरल के कडक्कल प्रांत का रहने वाले सुरेश उर्फ शाजहां कभी प्यार के नाम पर तो कभी नौकरी दिलवाने के नाम पर महिलाओं को वश में कर लेता और फिर उन्हें बोली लगाकर वेश्यालय में बेचता।

केरल में हर जगह उसके एजेंट लगे हुए थे जो इस काम में उसका साथ देते। इसी तरह एक बार विथुर प्रांत की अजीत बेगम नामक उसकी एजेंट ने एक लड़की को अमीर घर में नौकरी दिलवाने का वादा किया और उसे एर्नाकुलम के वेश्यालय में बेचा गया।

1996 में पुलिस ने उस लड़की को व्यभिचार के मामले में अरेस्ट किया। जब जमानत पर वह लड़की बाहर आई तो उसने कोट्टायम की पुलिस को सुरेश के बारे में बताया और शिकायत दर्ज कराई। उस लड़की ने जो बातें बताई उन्हें सुनकर तो पुलिस के साथ ही देश भर में हलचल मच गई।

उस बालिका की हिम्मत को देखते हुए अन्य महिलाओं ने भी हिम्मत की और सुरेश पर केस दर्ज कराए। इस तरह सुरेश पर कुल 20 केस दर्ज हो गए।

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विथुर सेक्स स्कैंडल के नाम से मशहूर हुए इस केस में जहां अन्य आरोपी पकड़े गए वहीं मुख्य आरोपी सुरेश 18 साल तक फरार रहा। 2014 में कोट्टायम कोर्ट के समक्ष उसने समर्पण किया। पुलिस ने उस पर केस दर्ज करके सारे कागजात पेश किये पर वह जमानत लेने में कामयाब हो गया और उसके बाद भूमिगत हो गया।

पांच साल तक नाम और जगह बदलते हुए वह घूमता रहा और अब डिटेक्टिव इंस्पेक्टर बैजू पोलोस के नेतृत्व में यह पता लगा कि सुरेश शमशाबाद में कहीं है तो पता लगाकर उसे शुक्रवार को गिरफ्तार करके न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।