हैदराबाद: तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमिटी (TPCC) वर्किंग चीफ मोहम्मद अजहरुद्दीन ने हैदराबाद के पुलिस कमिश्नर और जीएचएमसी कमिश्नर को हटाने की मांग की है। अजहरुद्दीन ने अम्बरपेट में 200 साल पुरानी मस्जिद को गिराने पर एतराज जाहिर किया है। अजहरुद्दीन ने मस्जिद को ऐतिहासिक बताते हुए सरकार को इस तरह की कार्रवाई आगे नहीं करने की चेतावनी दी है।

दरअसल अम्बरपेट में 'मस्जिद-ए-खाना' को गिराने को लेकर अभी भी टेंशन कायम है। सड़क चौड़ीकरण को लेकर म्यूनिसिपल बॉडी ने इस निर्माण को ढहा दिया था। इसके लिए भवन में रह रहे लोगों के मालिकाना दावे को स्वीकार करते हुए उन्हें मुआवजा भी दिया जा चुका है। भवन गिरने के बाद एक वर्ग की ओर से इसके पुरानी मस्जिद होने का दावा किया जाने लगा।

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अजहरुद्दीन ने भी तस्दीक की कि ढहाई गई बिल्डिंग वक्फ बोर्ड की मिल्कियत थी और वो वास्तव में एक ऐतिहासिक मस्जिद थी। कांग्रेस नेता के मुताबिक सरकार ने अतिक्रमणकारियों को ढाई करोड़ का मुआवजा देकर भवन को गिरा दिया।

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इस सिलसिले में एक स्थानीय संगठन ने हैदराबाद पुलिस से मार्च की इजाजत मांगी थी। जिसे पुलिस की ओर से खारिज कर दिया गया।

कहा तो ये भी जा रहा है कि विवाद बढ़ने के बाद जीएचएमसी ने एक बार फिर से ढांचा के निर्माण का प्रयास किया। जिसका बीजेपी के विधायक राजा सिंह के नेतृत्व में विरोध किया जा रहा है।

वहीं हैदराबाद के पुलिस कमिश्नर अंजनी कुमार ने अम्बरपेट में किसी तरह के गैरकानूनी जमावड़े पर रोक लगा दी है।

रिपोर्ट के मुताबिक अल्पसंख्यकों का एक समूह अम्बरपेट के विवादित स्थल पर नमाज पढ़ने के लिए पहुंचा। जिन्हें पुलिस ने रोक दिया। लोगों की तरफ से नारेबाजी और हंगामे के बाद पुलिस ने कार्रवाई की और 77 लोगों को हिरासत में लिया गया। हालांकि बाद में उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।