हैदराबाद: उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र को विचार-विमर्श करके आतंकवाद की परिभाषा तय करनी चाहिये। आतंकवादी समूहों को अलग थलग करने के लिए एक कार्य योजना तैयार करनी चाहिये।

उपराष्ट्रपति ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, “इसलिये, आतंकवाद को समाप्त किया जाना चाहिए। पूरी दुनिया को एकसाथ आना चाहिए और उन लोगों के दर्द को समझना चाहिए जो आतंकवाद से प्रभावित हो रहे हैं और इसे खत्म करने की कोशिश करते हैं।"

उन्होंने कहा कि "इसलिए मैं हर मंच से कह रहा हूं कि संयुक्त राष्ट्र को इस बात पर विचार करना चाहिए कि आतंकवाद की परिभाषा क्या हो।" उपराष्ट्रपति ने कहा, "वे वर्षों से इस पर चर्चा कर रहे हैं और उन्हें आतंकवादी समूहों को अलग थलग करने के लिए एक कार्य योजना के साथ आगे आना चाहिए।"

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उपराष्ट्रपति ने कहा कि अनुभवजन्य शिक्षा को सभी स्तरों तक पहुंचाना चाहिए। गांधी जी की बुनियादी शिक्षा शरीर, मन और आत्मा के विकास का माध्यम है।