International Yoga Day 2019 : ये पांच आसन बनाएंगे आपकी जिंदगी खुशहाल

योग करती महिलाएं - Sakshi Samachar

योग हमारे मन, मस्तिष्क और विचार को नियंत्रित करने का सबसे उपयुक्त माध्यम है। निर्मल मन और निरोगी काया के लिए योगासन से बेहतर और कुछ नहीं है। प्रत्येक वर्ष की तरह इस बार भी 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा। आइए आपको कुछ ऐसे योगासन की जानकारी देते हैं, जो करने में बेहद आसान हैं, लेकिन उसके फायदे अनेक हैं। 
भुजंगासन, जैसे की नाम से ही स्पष्ट है, सांप के सामान वाला आसन। भुजंगासन पेट के बल लेटने के बाद हाथ को कोहनियों से मोड़ते हुए लाएं और हथेलियों को बाजूओं के नीचे रख दें। अब हथेलियों पर दबाव बनाते हुए सिर को आकार की ओर उठाएं। यह भुजंगासन है। इस आसन से आप मोटापे को दूर भगा सकते हैं। साथ ही पाचन-प्रणाली मजबूत होती है।
‘उष्ट्र’ एक संस्कृत भाषा का शब्द है और इसका अर्थ “ऊंट” होता है। उष्ट्रासन से शरीर में लचीलापन आता है और शरीर को ताकत मिलती है तथा पाचन शक्ति बढ़ जाती है। इस आसन को करने के लिए वज्रासन की स्थिति में बैठने के बाद घुटनों के ऊपर खड़े होकर पगथलियों के ऊपर एक एक कर क्रम से हथेलियां रखते हुए गर्दन को ढीला छोड़ देते हैं और पेट को आसमान की ओर उठाते हैं। ये उष्ट्रासन है।
गोमुखासन की स्थिति गाय के मुख के सामान मिलती है, इसलिए इसे यह नाम दिया गया है। दंडासन में बैठते हुए अब बाएं पैर को मोड़कर एड़ी को दाएं नितम्ब के पास रखें। दाहिने पैर को मोड़कर बाएं पैर के ऊपर एक दूसरे से स्पर्श करते हुए रखें। इसके बाद दाहिने हाथ को ऊपर उठाकर दाहिने कंधे को ऊपर खींचते हुए हाथ को पीछे पीठ की ओर ले जाएं तब बाएं हाथ को पेट के पास से पीठ के पीछे से लेकर दाहिने हाथ के पंजें को पकड़े। गर्दन व कमर सीधी रखें। 
शवासन बेहद ही आसान आसन है। प्राय: सभी आसन के बाद इसे किया जाता है। इसमें पूरे शरीर को जमीन पर पीठ के बल लेटकर ढीला छोड़ दिया जाता है। समस्त अंग और मांसपेशियों को एकदम ढीला छोड़ दें। चेहरे का तनाव हटा दें। कहीं भी अकड़न या तनाव न रखें। शवासन से यह हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप), अनिद्रा और तनाव से ग्रस्त के रोगियों के लिए रामबाण दवा है। 

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