हैदराबाद : रहमतों और बरकतों का महीना रमजान आज से शुरू हो गया है। रमजान का महीने की बेहद खास अहमियत है, इस महीने में जन्नत के दरवाजे खोल दिए जाते हैं और दोजख के दरवाजे बंद कर दिये जाते हैं। साथ ही रमजान में की गई इबादतों का सवाब दूसरे महीनों के मुकाबले 70 गुना ज्यादा मिलता है। इस्लामी कैलेंडर के नौवें महीने रमजान को मुस्लिम धर्म में अत्यंत पवित्र माना गया है। इस्लाम में इसे बेहद पाक महीना माना जाता है।

रमजान के महीने में सहरी और इफ्तार का समय हर रोज कुछ मिनट आगे पीछे होता है। सेहरी और इफ्तार का टाइम टेबल।

रमजान के महीनों में अल्लाह अपने बंदों का सारे गुनाहों और गलतियों को माफ कर देते हैं। रोजा के दौरान रोजादार पूरे दिन 5 वक्त की नमाज अदा करते हैं।

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आम दिनों में अल्लाह की इबादत से दूर रहने वाला शख्स भी रमजान में रोजा रखता है। रोजा का मतलब बंदिश (मनाही), सिर्फ खाने पीने की बंदिश नहीं है बल्कि हर उस बुराई से दूर रहने की बंदिश है जो इस्लाम में मना है।