आज साल की पहली खगोलीय घटना देखने को मिल रही है। आज साल का पहला सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। वैसे तो यह ग्रहण 5 जनवरी की आधी रात से शुरू होगा और 6 जनवरी तक जरूर रहेगा। पर हमारे देश में यह दिखाई नहीं देगा।

देश के ज्योतिषशास्त्रियों का मानना है कि हमारे देश में न दिखाई देने के कारण इसका सीधा प्रभाव राशियों पर भले नहीं होगा, लेकिन शनि अमावस्या होने के कारण इस दिन जाप, दान और हवन करना शुभ संकेत देकर जाएगा।

ऐसे करें पूजा व दान

वैसे ते नए वर्ष में 3 शनैश्चरी अमावस्या का विशेष योग बनने जा रहा है। 5 जनवरी, पौष माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या है। इस शनैश्चरी अमावस्या के दिन 3:07 बजे तक मूल नक्षत्र है। मान्यता है कि सूर्य ग्रहण के बाद गेहूं, धान, चना, मसूर दाल, गुड़, अरवा चावल, सफेद-गुलाबी वस्त्र, चूड़ा, चीनी का दान करना अच्छा रहेगा।

ज्योतिष शास्त्रानुसार शनि को प्रसन्न करने के लिए विशेष प्रयोगों में शनैश्चरी अमावस्या को शनि की विशेष पूजा-अर्चना के साथ साथ शनि-साधना लाभकारी होगी। शनि साधना वांछित फलदायी हो जाती है।

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आज के दिन प्रात: 08ः32 बजे से 09ः40 बजे तक, शुभ के चौघड़िया मुहूर्त में अपराह्न 12ः24 बजे से सायं 04ः17 बजे तक, चर, लाभ, अमृत के चौघड़िया मुहूर्त में एवं सायं काल 05ः35 बजे से रात्रि 07ः17 बजे तक लाभ के चौघड़िया मुहूर्त में पूजा अर्चना फलदायी होगी।

  • शनि अमावस्या के दिन सूर्यास्त के बाद शनि को दीप जलाने के लिए जरूर जाएं।
  • पीपल के पत्ते पर शनि यन्त्र स्थापित करें और इसके लिए पश्चिम दिशा की ओर एक चौकी रखकर उस पर काला वस्त्र बिछाएं और फिर उस पर पूजन करें।
  • शनि के प्रिय सरसों के तेल का दीपक, धूप जलाएं, नौवेद्य चढ़ाने के लिए काले उड़द का हलवा, काले तिल से बने लड्डू, अक्षत, गंगाजल, बेल पत्र, काले रंग के फूल आदि रखें।
  • अगर संभव हो तो चौकी के चारों ओर तिल के तेल से भरी कटोरियां रखें, इसमें काले तिल के दाने, एक सिक्का, एक पंचमुखी रूद्राक्ष डालें।

इस प्रकार पूजा करने से दुर्घटना, गंभीर रोग, अकाल मृत्यु, शास्त्राघात से शनिदेव मुक्त रखेंगे। जिनको इस तरह के संकट की आशंका होती है, उनके लिए यह पूजा विशेष लाभ देने वाली है।

आज के दिन की सावधानियां

  • अमावस्या के दिन शमशान भूमि के आसपास या अंदर जाने से हर वर्ग के लोगों को नहीं बचना चाहिए क्योंकि इस दिन और रात में नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव बहुत ज्यादा होता है ।
  • आज के दिन मेहंदी ,बरगद ,इमली ,मौलसिरी ,पीपल के पेड़ों के नीचे नहीं जाना चाहिए। क्योंकि इन पेड़ों पर भूत,प्रेतों का वास होता है। जो अमावस्या को ज्यादा शक्तिशाली हो जाते है।
  • कोई महत्वपूर्ण व इमोशनल फैसला लेने से बचना चाहिए ।
  • अमावस्या के दिन स्त्री हो या पुरुष दोनों को अपने मन पर नियंत्रण रखना चाहिए । इस दिन शारीरिक संबंध बनाने से जीवन में परेशानियां बढ़ती है साथ ही इस संबंध से पैदा हुई संतान जीवन भर कष्ट भोगती है।
  • आज के दिन किसी भी गरीब व भिखारी का अपमान न करें। किसी को कुछ न देना हो तो मना करें। उसे भगाएं नहीं, न ही उसका अनादर करें।